बिच्छू डॉट कॉम। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भले ही 20 वर्ष बाद भोपाल मास्टर प्लान प्लान (विकास योजना) का ड्रोष्ट लागू कर दिया गया हो, लेकिन अन्य शहरों के लिए ऐसी स्थिति नहीं बनी है। इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर जैसे शहरों का मास्टर प्लान स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और हितधारकों के दबाव में अटका हुआ है। यह हितधारक बिल्डर, कालोनाइजर हैं और दूसरी ओर हैं शासकीय एजेंसियां। इसी तरह सागर, सतना और रीवा के पुराने मास्टर प्लान के समय सीमा भी पूरी हो चुकी हैं। सागर और उज्जैन के मास्टर प्लान तैयार किए जा चुके हैं लेकिन इन्हें विजन- 2047 के तहत अपडेट किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे का कहना है कि प्रदेश के अन्य शहरों का मास्टर प्लान जल्द लाया जाएगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है।
17/10/2026
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