
पूर्व एसीएस मोहम्मद सुलेमान और आईएएस अफसर तरुण राठी, उज्जैन हेल्थ संयुक्त संचालक डॉ. डीके तिवारी और मंदसौर के तत्कालीन सीएसपचओ डॉ. गोविंद चौहान को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बुधवार को बड़ी राहत दी है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी ने उन्हें एकलपीठ द्वारा सुनाई गई दो माह की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी। हालांकि, कोर्ट ने अवमानना याचिका दायर करने वालों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई तक अफसरों को दी सजा को स्थगित कर दिया है। बता दें, अफसरों को 16 मार्च को एकलपीठ ने दो महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। यह सजा 2023 के उस आदेश का पालन नहीं करने पर दी, जिसमें मंदसौर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के नियमितीकरण और 2004 से 7 अप्रैल 2016 तक के समस्त अनुषंगी लाभ देने के निर्देश दिए गए थे। वरिष्ठ अभिभाषक विवेक तन्खा ने दलील में कहा, पूर्व एसीएस सुलेमान की स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त मूल आदेश के आने के बाद हुई थी। और वे 2025 में रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में वे अब इसका पालन करा ही नहीं सकते हैं। इन तथ्यों पर युगलपीठ ने आदेश पर रोक लगाई।
