
नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन एक बार फिर से राष्ट्रीय टीम के साथ मुख्य कोच के तौर पर जुड़ गए हैं। मारिन का इस टीम के साथ 2017 से 2021 तक का कार्यकाल सफल रहा था। मारिन को करीब दो सप्ताह पहले दोबारा इस पद पर नियुक्त किया गया था। टोक्यो ओलंपिक में टीम को ऐतिहासिक चौथा स्थान दिलाने के बाद यह उनकी भारतीय महिला टीम के कोचिंग प्रणाली में उनकी वापसी है। हॉकी इंडिया ने मारिन की तस्वीर साझा कीं जिसमें उनका स्वागत देश के शीर्ष खेल अधिकारियों और महासंघ के प्रशासकों द्वारा किया गया। मारिन ने भी इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘नई ऊर्जा के साथ भारत वापस।’ इस 51 साल के कोच को अपने काम में मटियास विला का सहयोग मिलेगा, जो टीम के एनालिटिकल (विश्लेषणात्मक) कोच होंगे।
मुख्य कोच के रूप में मारिन की पहली बड़ी चुनौती आठ से 14 मार्च के बीच हैदराबाद में होने वाले महिला विश्व कप क्वालिफायर होंगे। मारिन ने हरेंद्र सिंह की जगह ली है। हरेंद्र ने पिछले साल दिसंबर में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद इस्तीफा दे दिया था। नीदरलैंड के इस कोच के शुरुआती कार्यकाल में भारतीय महिला हॉकी टीम को 2017 में वर्ल्ड लीग के सेमीफाइनल, 2018 में महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और जकार्ता एशियाई खेलों में टीम ने रजत पदक जीता था। इसके बाद भारत ने एफआईएस ओलंपिक क्वालिफायर में अमेरिका को 6-5 से हराकर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। मारिन ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के प्लेऑफ मैच में ग्रेट ब्रिटेन से हार के बाद निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था। भारतीय महिला हॉकी टीम का राष्ट्रीय कोचिंग शिविर 19 जनवरी से साई बंगलूरू में शुरू होगा।
