
निंगबो (चीन)। भारत के 20 साल के युवा शटलर आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर करते हुए वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत वितिदसरन को हराकर फाइनल में जगह बना ली। चीन के निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए सेमीफाइनल में आयुष ने जबरदस्त वापसी करते हुए 10-21, 21-19, 21-17 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला 75 मिनट तक चला और इस दौरान भारतीय खिलाड़ी ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। दोनों खिलाड़ी इससे पहले पिछले साल आर्कटिक ओपन में भिड़े थे, जहां वितिदसरन ने सीधे गेम में जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार आयुष ने शानदार वापसी करते हुए हिसाब बराबर कर लिया। पहला गेम हारने के बाद जिस तरह उन्होंने वापसी की, उसने उनकी मानसिक मजबूती को भी साबित किया।
आयुष शेट्टी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले भारत के दूसरे पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि, पिछले 59 साल में ऐसा पहली बार हुआ है। उनसे पहले दिनेश खन्ना ने 1965 में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, 2018 में एचएस प्रणय ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। आयुष ने अब कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है, लेकिन उनकी नजर अब स्वर्ण पदक जीतकर एक और इतिहास बनाने पर होगी। आयुष बैडमिंटन पर भारत की नई सनसनी बनकर उभरे हैं। भारत के लिए इस टूर्नामेंट में आखिरी पदक 2023 में आया था, जब सात्विक और चिराग ने पुरुष युगल का खिताब जीता था।
वर्ल्ड नंबर-25 आयुष का यह प्रदर्शन किसी संयोग से कम नहीं है। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में वर्ल्ड नंबर-चार जोनाथन क्रिस्टी को 23-21, 21-17 से हराया था। इसके अलावा उन्होंने चीनी ताइपे के चिन यू जेन और चीन के ली शी फेंग जैसे मजबूत खिलाड़ियों को भी मात दी। अब आयुष शेट्टी खिताबी मुकाबले में चाऊ तियेन चेन और शी यूकी के बीन होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेंगे। टूर्नामेंट में भारत के अन्य स्टार खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पीवी सिंधू दूसरे दौर में बाहर हो गईं, जबकि लक्ष्य सेन पहले ही राउंड में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
