भाजपा नेताओं का इंतजार खत्म! लिस्ट तैयार…निगम-मंडल और आयोगों में नियुक्ति जल्द

  • गौरव चौहान
भाजपा नेताओं

 मप्र सरकार में राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद अब जल्द शुरू होने वाली है। संगठन स्तर पर लिस्ट लगभग तैयार हो गई है, जिसमें क्षेत्र को साधने के साथ ही प्रमुख लोगों को मुख्य धारा में लाकर अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ प्रारंभिक बातचीत के बाद नामों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। दिल्ली से नियुक्तियों को लेकर हरी झंडी मिल गई है। संगठन पर दिल्ली से जल्द राजनीतिक नियुक्तियां करने का दबाव है। ऐसा न होने पर कार्यकर्ता पार्टी से दूर होता चला जाएगा। सरकार में राजनीतिक नियुक्तियों के बाद संगठन में जो पद रिक्त होंगे, वहां नए लोग लाए जाएंगे। निगम-मंडल, प्राधिकरण और आयोग के साथ कॉलेजों की जनभागीदारी समिति और निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति के नाम भी ले लिए गए हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रतलाम पहुंचे हेमंत खंडेलवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि लिस्ट ट्विस्ट हो गई है और बहुत जल्द जारी होगी। उन्होंने कहा कि सत्ता संगठन का चोली दामन का साथ है हम दोनों एक साथ रह कर काम कर रहे हैं। अब देखना है कि दो साल सरकार को बने हो गए 3 साल से ज्यादा नगरीय निकाय चुनावों को हो चुके है। ऐसे में भाजपा को अगर अपने नेताओं को ऑब्लाइज भी करना है तो 3 साल निकलने के बाद में वो क्या लाभ उठा सकते हैं। निगम मंडलों में नियुक्ति संबंधी अगली सूची फरवरी में आनी बताई जा रही है। इसमें छोटे-बड़े सभी निगम:मंडलों, प्राधिकरणों, समितियों को कवर किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सत्ता व संगठन इसी बीच कॉलेजों की जनभागीदारी समितियां और निकायों में एल्डरमैन की नियुक्तियां भी जल्द कर सकती है।
पहली खेप में होगी दर्जनभर निगम-मंडलों में नियुक्ति
जानकारी के अनुसार, संघ और संगठन की सहमति के बाद मोहन सरकार निगम मंडलों में अध्यक्षों की नियुक्ति करने के काफी करीब पहुंच गई है। पहली खेप में प्रदेश के एक दर्जन से अधिक बड़े निगम मंडलों, प्राधिकरणों में अध्यक्ष नियुक्त किए जाने हैं। इसके लिए नाम तय कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और संघ पदाधिकारियों ने इन नामों पर कई दौड़ कर ली है। दिल्ली से भी हरी झंडी है। अब ताजपोशी संबंधी आदेश कभी भी जारी किए जा सकते हैं। ऐसे विधायक जिनके लिए स्वयं और क्षेत्र के लोग मंत्री पद मांग रहे थे, लेकिन नहीं मिला। ऐसे कुछ विधायकों को प्रदेश के बड़े नियम-मंडलों व प्राधिकरणों जिम्मा दिया जा सकता है। ऐसे संभावित नामों में शैलेंद्र कुमार जैन, प्रदीप लारिया, अजय बिश्नोई, अर्चना चिटनीस जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है भोपाल विकास प्राधिकरण का जिम्मा चेतन सिंह को मिल सकता है। इसी तरह इंदौर विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी हरिनारायण सिंह को दी जा सकती है। अपेक्स बैंक का अध्यक्ष भी तय बताया जा रहा है।
ये संभावित नाम लगभग तय
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संभावित नामों में रामनिवास रावत, अरविंद भदौरिया, अंचल सोनकर, कमल पटेल, उमाशंकर गुप्ता, अजय बिश्नोई, अर्चना चिटनीस, ध्रुव नारायण सिंह, भाजपा नेता चेतन सिंह, ओम जैन, अशोक जादौन, अनूप भदौरिया के नाम भी बताए जा रहे हैं। इनके अलावा यशपाल सिंह भदौरिया, केके त्रिपाठी, राकेश गिरी, लोकेंद्र पाराशर, प्रदीप लारिया, गौरव सिरोठिया, राजेंद्र सिंह, अभय यादव, आशुतोष तिवारी, विजय दुबे, सावन सोनकर, राघवेंद्र गौतम, कल सिंह भांबर का नाम शामिल है। हालांकि रामनिवास रावत ने सत्ता व संगठन के सामने निगम-मंडलों में जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इसकी वजह विजयपुर सीट बताई गई, जहां उप-चुनाव को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया को बताया गया है। रावत को भरोसा है कि फैसला उनके पक्ष में आ सकता है। हालांकि इसमें हकीकत कितनी है, यह आने वाला समय ही बताएगा।

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