
- आपके व्यवहार और बयानों से पार्टी की छवि खराब न हो
गौरव चौहान/बिच्छू डॉट कॉम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भाजपा के मंत्रियों को सख्त हिदायत दी है कि उनके आचरण, व्यवहार और बयानों से पार्टी की छवि खराब न हो। संघ ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि कार्यकर्ता बिजली की तरह चमकने (क्षणिक चमक) के बजाय दीपक की तरह जलकर (निरंतर सेवा) समाज की सेवा करें। दरअसल, राजधानी के सुशासन भवन में सोमवार को संघ की मौजूदगी में सरकार और संगठन की समन्वय बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो बैठक में पिछले कुछ महीनों से कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल की नाराजगी को लेकर चर्चा हुई है और उन्हें सरकार के साथ काम करने की समझाइश दी गई है। इसके अलावा बैठक में सरकारी पदों पर राजनीतिक नियुक्तियों पर भी मंथन किया गया है।
जानकारी के अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन स्कूल में अचानक बुलाई गई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की समन्वय बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में संघ के वरिष्ठ नेता सुरेश सोनी, दीपक विस्तपुते, स्वप्निल कुलकर्णी के अलावा प्रांत प्रचारक स्तर के पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद है, जिससे इस बैठक की अहमियत बढ़ गई है। तकरीबन पांच घंटे चली बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। सूत्रों की मानें तो बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल की नाराजगी पर भी चर्चा की गई है। बताया गया है कि दोनों नेताओं से कहा गया है कि उनके किसी भी तरह के कार्यों से सरकार और पार्टी को नुकसान नहीं होना चाहिए। बताया गया है कि दोनों मंत्रियों ने संघ पदाधिकारियों के सामने अपनी बातें रखी है। इसके बाद उनकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भी चर्चा हुई है। सूत्रों का कहना है कि अचानक बुलाई गई बैठक दिल्ली के निर्देश पर की गई है। पिछले कुछ दिनों से मंत्रियों द्वारा केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी बातें रखी गई है, तो उनके द्वारा कैबिनेट की बैठक में अनुपस्थिति व अन्य कार्यक्रमों से दूरी बनाने की खबर भी दिल्ली पहुंची है। ऐसे में संघ और भाजपा संगठन ने इस पूरे मामले का पटाक्षेप करने के लिए संघ और संगठन की समन्वय बैठक भोपाल में बुलाने के निर्देश दिए गए थे। जिसमें कहा गया था कि यह मामला जल्द से जल्द निपटा लिया जाए।
राज्यसभा उम्मीदवार-मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा
बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर भी मंथन होने की खबर है। जानकारों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व चाहती है कि मध्यप्रदेश की खाली हो रही राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को मैदान पर उतारा जाए। ये तीनों उम्मीदवार मध्यप्रदेश से ही हो। बैठक में कांग्रेस के खाते वाली सीट भाजपा को कैसे मिले, इस पर भी चर्चा की गई है। तीसरी सीट पर पार्टी किसी ऐसे नेता को उम्मीदवार बना सकती है, जो शीर्ष नेतृत्य के करीबी है। सूत्रों की मानें तो बैठक में प्रदेश मंत्रिमण्डल के विस्तार और फेरबदल को लेकर भी मंथन किया गया है। दरअसल केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा संभावित फेरबदल को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पहले ही हरी झंडी दे दी गई है, लेकिन प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों के कारण मंत्रिमण्डल विस्तार और फेरबदल को लेकर निर्णय नहीं हो पा रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि जब भी फेरबदल होगा, तो प्रदेश सरकार के कुछ बड़े नेता दिल्ली जा सकते है। इनमें कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के नाम की भी चर्चा की जा रही है। कहा जा रहा है कि इन दोनों नेताओं को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
