भोपाल रेल मंडल में यात्रियों के लिए सफर होता जा रहा है आरामदायक

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
भोपाल रेल मंडल में यात्रियों के लिए सफर लगातार तेज, जर्क-लेस और आरामदायक होता जा रहा है। भोपाल रेलवे स्टेशन से रोजाना 140 ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत गाडिय़ां अब जर्मन तकनीक के एलएचबी कोच वाले रैक से संचालित हो रही हैं। इसी कड़ी में भोपाल से खजुराहो, सिंगरौली और बिलासपुर की ओर चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में भी एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। इससे यात्रियों के यात्रा समय में 45 मिनट से लेकर 1.15 घंटे तक की बचत होगी। भोपाल रेल मंडल के तहत संचालित महामना एक्सप्रेस (भोपाल-खजुराहो), भोपाल-सिंगरौली एक्सप्रेस और नर्मदा एक्सप्रेस में पुराने आईसीएफ कोचों की जगह एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। रेल अधिकारियों के अनुसार एलएचबी कोच जर्मन तकनीक पर आधारित होते हैं। इनमें बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम, कम कंपन, ज्यादा स्थिरता और अधिक रफ्तार की क्षमता होती है। दुर्घटना की स्थिति में ये कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते, जिससे यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ती है।
पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण
भोपाल-खजुराहो रूट पर महामना एक्सप्रेस के एलएचबी कोचों से चलने के बाद करीब 45 मिनट का समय बचेगा। इससे विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक पहुंचना आसान होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह भी महत्वपूर्ण: वहीं, ऊर्जा और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अहम भोपाल-सिंगरौली रूट पर एलएचबी कोच लगने से 50 मिनट से 1 घंटे तक की समय बचत का अनुमान है। इससे रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों और कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। भोपाल मंडल होकर चलने वाली नर्मदा एक्सप्रेस में भी एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। इससे भोपाल से बिलासपुर और इंदौर के बीच यात्रा का समय पहले की तुलना में 1 घंटे से 1 घंटा 15 मिनट तक कम हो सकता है। भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार एलएचबी कोचों से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को शांत, सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा। एक बड़ी राहत यह भी है कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर एलएचबी कोचों के मेंटेनेंस की सुविधा उपलब्ध है।

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