17 जिलों में पीपीपी मॉडल पर पर्यटन विभाग बनाएगा 30 होटल-रिसॉर्ट

पर्यटन विभाग

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के साथ निवेश आकर्षित करने पर काम भी हो रहा है। इसके अगले चरण में पर्यटन विभाग मंदसौर, छिंदवाड़ा, धार, बैतूल और पन्ना जैसे छोटे जिलों में होटल – रिसॉर्ट बनाने पर काम करेगा। प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर होने वाले इन कामों में लगभग 450 करोड़ रुपए निवेश आने की संभावना है। मप्र में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब पर्यटन सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इनमें मुख्य रूप से आधुनिक सुविधाओं वाले होटल रिसॉर्ट के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, विभाग अब नीतियों और ब्रांडिंग पर फोकस कर रहा है। निर्माण के लिए निजी क्षेत्र की मदद ली जाएगी। निजी निवेशकों से इन प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। डेढ़ से पांच साल के बीच ये होटल- रिसॉर्ट बना लिए जाएंगे। निजी निवेशकों को इन्हें 90 साल की लीज पर दिया जाएगा।
छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, छिंदवाड़ा, धार, मंदसौर में शुरू होंगे प्रोजेक्ट
जमीनों के लिए लगेगी बोली: विभाग ने इन प्रोजेक्ट के लिए ग्रामीण इलाकों में 5 लाख हेक्टेयर और शहरी इलाकों में 10 लाख हेक्टेयर की शुरुआती मूल्य तय किए हैं। निजी निवेशक इनके लिए बोली लगाकर मूल्य बढ़ाएंगे। निर्माण के लिए 10 करोड़ तक लागत का 15 प्रतिशत तो 10 करोड़ से अधिक पर 30 प्रतिशत पूंजी सहायता विभाग देगा।
मंदसौर-बैतूल में भी प्रोजेक्ट: पर्यटन के लिए प्रसिद्ध छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, छिंदवाड़ा, धार के अलावा मंदसौर, बैतूल, अलीराजपुर और नीमच जैसी जगहों पर ये प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
वेलनेस सेंटर, ईको-टूरिज्म गतिविधियां भी शामिल: जिन 30 प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है, उनमें होटल-रिसोर्ट के साथ वाटर स्पोर्ट, वेलनेस सेंटर, ईको टूरिज्म गतिविधियां भी शामिल हैं। धार के चंदनखेड़ी में थीम पार्क भी बनेगा। मंदसौर के मलसरी टापू में टेंट सिटी बनेगी।
मप्र में बढ़े पर्यटक: साल 2019 में जहां मप्र में 8 करोड़ 90 लाख पर्यटक आए थे, वहीं, ये संख्या साल 2024 में बढ़कर 13 करोड़ 41 लाख तक पहुंच गई है। 2024 में उज्जैन में पर्यटकों की संख्या 7 करोड़, मैहर 1.33 करोड़, अमरकंटक में 40 लाख, ओंकारेश्वर में 24 लाख तक पहुंच गई।
बीते साल बदली लीज नीति
पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं और बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग ने साल 2025 में अपनी लीज नीति में बदलाव किया था। अभी विभाग की 18 संपत्तियां लीज पर हैं, जिन्हें अब तक 30 साल की अवधि के लिए दिया जाता था। बदलाव के बाद निवेशक लंबी अवधि (60-90 साल) के संचालन अधिकार मांग रहे हैं, ताकि उनका निवेश सुरक्षित रहे। जिन 30 होटल-रिसोर्ट का निर्माण हो रहा है, उन्हें भी अनुबंध के आधार पर 60 या 90 साल की लीज पर दिया जाएगा।

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