
- उच्च शिक्षा विभाग केंद्र सरकार को भेजेगा प्रस्ताव
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र के तीन कॉलेजों को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी तेज कर दी है। बताया जाता है कि राजधानी का एक्सीलेंस कॉलेज, रीवा का ठाकुर रणमत सिंह (टीआरएस) कॉलेज और जबलपुर का आदर्श साइंस कॉलेज डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने जा रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग तीनों कॉलेजों को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगा। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद उक्त कालेजों को डीम्ड यूनिवर्सिटी करने की शेष प्रक्रिया विभाग करेगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत कॉलेजों में एनईपी लागू कर दिया है। अब कॉलेजों को आटोनोमी देने का काम चल रहा है। इसी के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश में तीन बड़े कॉलेजों को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने का निर्णय लिया है। राजधानी के एक्सीलेंस कॉलेज, रीवा के टीआरएस कॉलेज और जबलपुर के आदर्श साइंस कॉलेज का रिसर्च वर्क बेहतर है। यहां फैकल्टी और विद्यार्थियों के साथ अधोसंरचना भी मापदंडों के मुताबिक है। सभी मापदंड पूरे होने पर केंद्र सरकार तीनों डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को खारिज नहीं कर पाएगी। इसीलिए कॉलेजों से प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। लोकभवन में होने वाली समन्वय समिति की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद एक्सीलेंस कालेज भोपाल को आवेदन प्रक्रिया यूजीसी के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करनी होगी। इसमें विनियामक निकायों से एनओसी भी लेनी होगी।
यह रहेगी सुविधा
डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने से तीनों कॉलेज को कई सुविधाएं मिलेंगी। इनको संबंधित पारंपरिक विवि से संबद्धता लेने की जरूरत नहीं होगी। ये अपना सिलेबस स्वयं तैयार कर पाएंगे। आटोनोमस की फीस देने से मुक्ति मिलेगी। आटोनोमस लेने के लिए निरीक्षण नहीं कराना होगा। डीम्ड यूनिवर्सिटी सीधे यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय की देखरेख में चलेंगे। राज्य सरकार का सीधा दखल नहीं होता। डीम्ड विवि का दर्जा प्राप्त संस्थान कोर्स, फीस आदि तय करने के लिए स्वतंत्र होते हैं। अन्य विवि की तरह ये भी स्टूडेंट्स को कोर्स पूरा होने के बाद डिग्रियां देने के लिए अधिकृत हैं। यहां पढऩे वाले छात्रों को बेहतर सुविधाएं और नए कोर्स में डिगी करने का मौका मिलता है। एक्सीलेंस कालेज के निदेशक डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल का कहना है कि एनईपी के उद्देश्यों को पूरा करने डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने का प्रयास किये जा रहे हैं। एक्सीलेंस कॉलेज डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के सभी मापदंडों को पूरा कर रह है।
तीनों कॉलेजों की वर्तमान स्थिति
तीनों कॉलेजों में सबसे बड़ा रीवा का टीआरएस कॉलेज है। यहां की प्राचार्य अर्पिता अवस्थी का कहना है कि कॉलेज में करीब 11 हजार विद्यार्थी हैं। उन्हें अध्ययन कराने 83 नियमित प्रोफेसर के साथ 202 फैकल्टी का स्टाफ है। 47 एकड़ में फैले कालेज में हास्टल भी हैं। कालेज ने अपनी बचत से करीब 22 करोड़ से 50 क्लास रूम की चार मंजिला इमारत तैयार करा ली है, जिसका लोकार्पण अप्रैल में होगा। इससे कामर्स और बीबीए सुबह की शिफ्ट खत्म हो जाएगी और कॉलेज एक पाली में चलने लगेगा। आउटडोर और इंडोर गेम के लिए तीन ग्राउंड हैं। एक्सीलेंस कालेज भोपाल में चार हजार विद्यार्थियों को अध्ययन कराने 184 फैकल्टी हैं। यहां 15 पीजी और छह यूजी प्रोग्राम चल रहे हैं। कालेज निदेशक डॉ प्रज्ञेश अग्रवाल का कहना है कि दस रिसर्च सेंटर होने पर 90 पीएचडी सालाना हो रही हैं। हर साल 200 रिसर्च पेपर पब्लिश किए जा रहे हैं। आईएसएसएन के तीन रिसर्च जर्नल हैं। साल में दो बार पब्लिकेशन होता है। इससे हर साल 40 जर्नल एक्सीलेंस कॉलेज और शेष अन्य कॉलेजों के जर्नल से आते हैं। हर साल तीन इंटरनेशनल कांफ्रेंस होती हैं। प्रत्येक में 400-400 रिसर्च पेपर आए और प्रत्येक आईडीबीएन की किताबों का पब्लिकेशन किया जा रहा है।
