पुलों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की होगी सटीक निगरानी

  • मप्र में पुलों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में पुलों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की सटीक निगरानी के लिए डिजिटल सर्वे कराया जा रहा है। सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख, पुराने और विशेषकर शार्प टर्न (तीखे मोड़) वाले पुलों का तकनीकी सर्वे डिजिटल माध्यमों से करवाएगी। जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पुलों की सुरक्षा, मरम्मत और मजबूती की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। मप्र सड़क विकास निगम लिमिटेड ने मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट के जरिए राज्य भर के पुलों का डिजिटल सर्वे कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए निगम ने परामर्श सेवाओं की निविदाएं जारी की हैं, जिनके माध्यम से पुलों की इन्वेंटरी, स्थिति सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के सालों पुराने पुलों से भविष्य में किसी प्रकार की आपदा न हो इसके लिए अब प्रदेश के छह मीटर से साठ मीटर के मध्यम पुल और साठ मीटर से अधिक लंबाई वाले वृहद पुलों का गूगल शीट पर डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। वहीं बीस साल पुराने सभी पुलों का प्रोफेशनल सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। केबल रोपवे,  सस्पेंशन पुल, स्टे ब्रिज सहित अन्य पुलों की भी विशेष देखरेख मॉनिटरिंग का इंतजाम किया जाएगा।  निगम द्वारा जारी निविदा के अनुसार के माध्यम से राज्यभर में सभी श्रेणी की सड़कों पर बने बड़े-छोटे पुल, फ्लाईओवर, पुलिया और स्लैब नालियों का इन्वेंटरी डेटा तैयार किया जाएगा। साथ ही उनकी मौजूदा स्थिति का सर्वे कर उन्हें मजबूत बनाने, रेट्रोफिटिंग या पुनर्निर्माण का आंकलन किया जाएगा।
 मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट से तैयार होगा डेटा
 टेंडर के अनुसार इस तकनीक से राज्य में सभी श्रेणी की सड़कों पर बने बड़े पुल, छोटे पुल, फ्लाईओवर, पुलिया और स्लैब नालियों का डेटा एकत्र किया जाएगा। इसके जरिए प्रत्येक संरचना की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक आकलन होगा, जिससे यह तय किया जा सकेगा कि किन पुलों को मजबूत बनाने, रेट्रोफिटिंग या पुनर्निर्माण की जरूरत है। यह कार्य दो पैकेज में कराया जाएगा, जिनकी कुल अनुमानित लागत करीब 72.02 लाख रुपए रखी गई है। धरोहर राशि 72 हजार रुपए तय की गई है और निविदा का मूल्य 10 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। दोनों पैकेजों के लिए कार्य पूर्ण करने की अवधि छह माह रखी गई है, जिसमें वर्षा काल भी शामिल रहेगा। इसके साथ ही निगम ने कई अन्य कार्यों की भी निविदाएं जारी की हैं। इनमें जबलपुर-नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग के 32 किलोमीटर हिस्से का नवीनीकरण, रीवा शहर में डेकहा-तिराहा जंक्शन सुधार कार्य, उपयोग शुल्क संग्रहण से जुड़े अनुबंध और खराब श्रेणी के पुलों की मरम्मत शामिल हैं। इन परियोजनाओं की लागत करोड़ों रुपए में है और कार्य अवधि अलग-अलग तय की गई है।
पुलों की वास्तविक स्थिति का तैयार होगा सटीक डेटाबेस
अधिकारियों के अनुसार इस पहल से पुलों की वास्तविक स्थिति का सटीक डेटाबेस तैयार होगा, जिससे समय पर मरम्मत और मजबूती की योजना बन सकेगी। इससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। निविदाओं में जबलपुर-नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग के 32 किमी बीटी रोड नवीनीकरण का काम भी शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत 922.57 लाख रुपए है। वहीं, रीवा शहर में डेकहा-तिराहा जंक्शन सुधार कार्य की लागत 608.51 लाख रुपए तय की गई है। इसके अलावा बेला-गोविंदगढ़ चुरहट और तिलवारा-चरगांव-गोटेगांव मार्गों पर उपयोग शुल्क संग्रहण से जुड़े अनुबंध भी प्रस्तावित हैं, जिनकी अवधि 24 महीने रखी गई है। खराब श्रेणी के पुलों की मरम्मत और संरचनात्मक स्वास्थ्य मूल्यांकन के लिए भी अलग निविदाएं जारी की गई हैं। इनमें पुलों की विस्तृत स्थिति जांच, मरम्मत योजना और तकनीकी निदान शामिल होगा। इन कार्यों की लागत लाखों रुपये में निर्धारित की गई है और अवधि 3-12 महीने तक रखी गई है।

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