- सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन पुलिस ने तैयार किया नया ऐप

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में पुलिस ने सिंहस्थ के मद्देनजर नवाचार किया है। महाकाल मंदिर के आसपास होटल और शहर में अन्य जगह रुकने वाले यात्रियों का डेटा अब एक ऐप के माध्यम से पुलिस के पास ऑनलाइन उपलब्ध है। इससे शहर में आने वाले संदिग्धों के बारे में पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। साथ ही, बिना आईडी के रुकने वाले और संदिग्ध लोगों पर भी ऑनलाइन नजर रखी जा सकेगी। इसके लिए उज्जैन के 350 होटलों को ऐप से जोड़ा है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बड़ी संख्या में उज्जैन आ रहे लोगों का डिजिटल डेटा रखने के लिए गेस्ट रिपोर्ट डॉट इन नामक ऐप तैयार कराया है। इस ऐप से उज्जैन के होटलों में रुकने वाले यात्रियों के नाम, उनकी पहचान, उनका मोबाइल नंबर सहित अन्य डेटा तत्काल पुलिस थाने, थाना प्रभारी और जिले के एसपी के – पास रियल टाइम में पहुंच रहा है। ऐप । में होटल संचालक को रोजाना अपनी होटल में आने वाले यात्रियों की जानकारी भरनी होती है। यह – जानकारी होटल की वेबसाइट सहित संबंधित थाने पहुंच जाती है।
दर्शन के लिए बीते साल पहुंचे थे 7 करोड़ श्रद्धालु
पिछले साल मप्र टूरिज्म के आंकड़ों में उज्जैन प्रदेश में सबसे ऊपर रहा, जहां करीब 7 करोड़ श्रद्धालु आए थे। इतनी बड़ी संख्या में उज्जैन पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बारे में होटल की जानकारी पुलिस थाने तक पहुंचने और उसे खंगालने में करीब एक से दो हफ्तों का समय लग जाता था। लेकिन, उज्जैन पुलिस के एक ऐप से यह सारा काम आसान हो गया है।
आश्रम और अखाड़ों को भी जोड़ेंगे
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पहले चरण में होटलों को जोड़ा है। आगे चर्चा कर ऐप का उपयोग आश्रम और अखाड़ों में भी करेंगे। प्रति वर्ष 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भारी संख्या में होम स्टे और होटल आ गए हैं, इसलिए अंदेशा बना रहता है कि बाहर से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी पुलिस के पास होनी चाहिए।
सिंहस्थ में उपयोगी साबित होगा
माना जा रहा है कि उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ के दौरान दो महीने में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। इस दौरान जो लोग होटल, लॉज, धर्मशाला में रहेंगे, उनका डेटा इस ऐप के उपयोग से पुलिस के पास रियल टाइम में उपलब्ध रहेगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की रियल टाइम ट्रेसेबिलिटी, कौन कहां ठहरा है। इसका डेटा तुरंत उपलब्ध होगा, गुमशुदा व्यक्तियों की तुरंत पहचान हो सकेगी।
होटल वालों के लिए भी उपयोगी
पुलिस के इस ऐप से न सिर्फ पुलिस को मदद मिल रही है, बल्कि होटल संचालक भी रोजाना पुलिस थाने जाकर अपनी डिटेल नोट करवाने जैसे झंझट से मुक्त हो गए हैं। जो होटल संचालक ऐप का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें रोज सुबह होटल में रुकने वाले गेस्ट की जानकारी मैन्युअली कागज पर भरकर देनी होती है। इसके लिए रोजाना एक कर्मचारी होटल में पुरी शीट देने जाता है। इस ऐप से होटल वालों को भी कई सुविधाएं मिल गई हैं।
