कई योजनाओं के खर्च पर वित्त विभाग ने लगाया नाका

भोपाल/रवि खरे/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनके लिए पर्याप्त बजट मौजूद होने के बाद भी उस पर विभाग अपनी मनमर्जी से खर्च नहीं कर पाएंगे। इसके लिए उन्हें सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि इनमें वे योजनाएं भी शामिल हैं, जिन्हें बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वित्त विभाग द्वारा इस तरह की 16 योजनाओं पर प्रतिबंध लगाया है।
इनमें मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) से लेकर छात्रों के लिए स्टेशनरी व पुस्तकें खरीदने तक की योजनाएं शामिल हैं। जानकारी के अनुसार अब इस तरह की योजनाओं पर राशि तभी खर्च की जा सकेगी, जब वित्त विभाग इन पर राशि खर्च करने की अनुमति प्रदान कर देगा। इसमें किसानों की सबसे अहम वो योजना भी शामिल है जिसे कमलनाथ सरकार द्वारा शुरू किया गया था। यह योजना डिफॉल्टर किसानों के लिए शुरू की गई ऋण माफी योजना है। विधानसभा में प्रथम अनुपूरक बजट मंजूर होने के बाद उसके नोटिफिकेशन के उपरांत वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देश में खर्चों को लेकर कई तरह के प्रतिबंध तय कर दिए गए हैं।
इन योजनाओं में सक्षम प्राधिकारी को अधिकार
वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि जिन विभागों और योजनाओं में वित्त विभाग की परमीशन अनिवार्य नहीं है, उसमें किसान कल्याण विभाग की ऋण माफी योजना के पात्र डिफॉल्टर किसानों की ब्याज माफी समाधान योजना, गृह विभाग की मुख्यमंत्री पुलिस अवास के लिए हुडको से लिए गए ऋण भुगतान की योजना भी शामिल हैं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग की शहरी और नगरीय सड़कों का निर्माण व उन्नयन, नवीन ग्रामीण और अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन, नगरीय विकास और आवास विभाग की मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चौथे चरण की योजना शामिल है। इसके लिए सिर्फ सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लेनी होगी। इसमें जनजातीय कार्य विभाग की पिछड़ी जनजातियों के लिए आहार अनुदान, संस्कृति विभाग की डॉ. केशव हेडगेवार संग्रहालय स्थापना, साइंस एंड टेक्नॉलाजी की पीएम गतिशक्ति डाटा सेंटर, सरकारी कार्यालयों को आॅप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ने की योजना, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास की वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित जिलों में आईटीआई व कौशल विकास केंद्र स्थापना, कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की एक जिला एक उत्पाद के संचालन और स्कूल शिक्षा विभाग की शिक्षा उपकर से ग्रामीण शालाओं के उन्नयन और मरम्मत का काम भी शामिल है।
इन कामों के लिए वित्त विभाग की अनुमति जरुरी
 वित्त विभाग की परमिशन के दायरे में जिन योजनाओं को शामिल किया गया है, उसमें श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना, गृह विभाग की विधि चिकित्सा विज्ञान प्रयोगशाला, ऊर्जा विभाग की अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना, सहकारिता विभाग की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं का कम्प्यूटरीकरण, नगरीय विकास विभाग की सतपुड़ा और विन्ध्याचल भवन अनुरक्षण कार्य और शहीदों के परिजनों को भूखंड देने की योजना शामिल हैं। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग की डिक्री धन भुगतान, स्कूल शिक्षा विभाग की महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, जनसंपर्क विभाग के कार्यक्रम आयोजन और प्रबंधन, जनजातीय कार्य विभाग के तकनीकी शिक्षा मंडल व अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम, नर्मदा घाटी विकास विभाग की एनवीडीए के सभी बिजली बिल और उच्च शिक्षा विभाग की छात्रों को पुस्तकें, स्टेशनरी देने की योजना शामिल है। इन योजनाओं में खर्च का भुगतान तभी हो सकेगा , जबकि वित्त विभाग अनुमति प्रदान कर देगा। इसी तरह से ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उच्च शिक्षा के लिए विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति, महिला स्व सहायता समूहों को अतिरिक्त ब्याज देने की अनुदान योजना, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की मप्र अनुजाति सहकारी वित्त एवं विकास निगम, प्रवासी भारतीय विभाग की फ्रेंड्स ऑफ एमपी कॉन्क्लेव तथा लोक परिसंपत्ति विभाग की परिसंपत्तियों से प्राप्त राजस्व से भुगतान और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना के भुगतान के लिए भी विभागों को वित्त विभाग से अनुमति लेनी होगी।

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