- विधायकों की समिति बनाकर तैयार होगा विधानसभावार रोडमैप
- गौरव चौहान

विकसित भारत विजन 2047 के तहत वर्ष 2047 तक मप्र को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य डॉ. मोहन यादव ने तय किया है। इसके लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 5.03 लाख करोड़ से बढ़ाकर 250 लाख करोड़ (2 ट्रिलियन डॉलर) करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को एक लाख 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 22 लाख रुपये करने का भी लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सरकार विधायकों की समिति बनाएगी। केवल अधिकारियों की ही नहीं जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। विधायकों की यह समिति ही विधानसभावार रोडमैप तैयार कर उसे जमीनी स्तर पर लागू कराने का काम करेगी। प्रत्येक समिति में एक मंत्री को रखा जाएगा। मंत्री की जिम्मेदारी होगी कि वे दिए गए जिले में कामकाज की प्रगति पर नजर रखें और समय-समय पर शासन को इससे अवगत कराएं। इनके अलावा विभाग प्रमुख को भी समिति में रखा जाएगा।
मप्र को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने और प्रदेश के समग्र सामाजिक आर्थिक विकास के उद्देश्य से हितधारक परामर्श एवं जन सहयोग से विकसित मप्र 2047 दृष्टि पत्र को तैयार किया गया है। दृष्टि पत्र को धरातल पर वास्तविक रूप से साकार करने के लिए रोडमैप बनाया जाएगा। मप्र 2047 दृष्टिपत्र के क्रियान्वयन के लिए उच्च स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया जाएगा। राज्य के सभी विभागों की योजनाओं, लक्ष्यों एवं कार्य बिंदुओं की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। साथ ही लाइव डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अधिकारियों के साथ विधायकों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। विधायकों की यह समिति पार्टी और संगठन के दिए गए लक्ष्यों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में पूरा करने का काम करेगी।
आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने पर फोकस
बता दें कि प्रदेश में 230 विधायक हैं, इनमें से 163 विधायक भाजपा के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दिनों सभी विधायकों से अपने-अपने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए अगले साढ़े तीन वर्षों में किए जाने वाले विकास कार्यों का विजन डाक्यूमेंट बनाने को कहा था। सभी विधायकों को अपने अपने विधानसभा क्षेत्र के विजन डाक्यूमेंट को धरातल पर उतारकर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने के लिए कार्य कर रही है। भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे विकास और कल्याणकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से विकसित मध्य प्रदेश 2047 विजन क्यूिमेंट तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि विजन डाक्यूमेंट मप्र के समग्र विकास का आधार होगा। मंत्री भी अपने-अपने विभागों में विजन डाक्यूमेंट की तैयारी की समीक्षा करेंगे। बता दें कि यह कार्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इस विजन में उद्योग, कृषि, वन उत्पाद, सेवाएं, बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं पर फोकस होगा। सरकार इन सभी क्षेत्रों में सुधार के प्रयास करेगी। योजना को ठीक से लागू करने के लिए यह समिति कार्य करेगी। समिति सभी विभागों के कामों पर भी नजर रखेगी। इसके लिए एक डिजिटल सिस्टम भी बनाया गया है, जिससे सभी योजनाओं की जानकारी मिल सके। झुग्गी मुक्त शहर, हर परिवार को घर, जीएसडीपी को 250 लाख करोड़ और प्रति व्यक्ति आय. को 1.60 लाख से बढ़ाकर 22 लाख करने का लक्ष्य रखा है।