चेहरा दिखाओ, हाजिरी लगाओ

  • समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंचने वालों पर नकेल…
  • गौरव चौहान
हाजिरी लगाओ

सरकार की तमाम कोशिशों के बावजुद अधिकारी-कर्मचारी समय पर ऑफिस नहीं पहुंच रहे हैं। खासकर मंत्रालय में स्थिति चिंताजनक है। इसको देखते हुए सरकार अब समय से ड्यूटी पर नहीं आने वालों पर नकेल कसने जा रही है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय में फेस स्कैन से हाजिरी की तैयारी कर रहा है। यानी अब चेहरा दिखाने पर हाजिरी लगेगी। उल्लेखनीय है प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में सरकार लगातार कवायद कर रही है। इसके लिए सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। लेकिन विडंबना यह है कि मंत्रालय में ही इसका ठीक से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। मंत्रालय के कई अधिकारी, कर्मचारी अब भी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए मंत्रालय में अधिकारी, कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को सुधारने और पारदर्शी बनाने के लिए फिर नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। जिसके तहत मंत्रालय में अब चेहरे से हाजिरी लगेगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दिनों मंत्रालय में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर नए साल में प्रशासानिक कार्य में तेजी लाने और योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर उन्हें जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अफसरों से कहा कि कोविड काल से प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में 5 दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू है। यह सुनिश्चित करें की प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में 10 बजे से कामकाज शुरू हो जाए। इसके लिए बायोमेट्रिक सहित अन्य तकनीकी प्रणालियों का सहारा लिया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही मंत्रालय में कर्मचारियों के समय पर ड्यूटी पर पहुंचने को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव स्वयं मंत्रालय का निरीक्षण कर रहे हैं।
सख्ती के बाद भी समय पर नहीं आते कर्मचारी
आधिकारिक जानकारी के अनुसार सरकार प्रदेश भर के सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के समय पर ड्यूटी पर पहुंचने को लेकर सख्ती बरतने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिकारी-कर्मचारियों के सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचने और शाम को नियत समय शाम 6 बजे कार्यालय छोडऩे को लेकर दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। विभाग जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी करेगा। बता दें कि प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में फाइव डेज वीक लागू होने के बाद भी अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। इससे कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होता है। यही वजह है कि सरकार कर्मचारियों की अटेंडेंस को लेकर सख्ती बरतने जा रही है। मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी समय पर ड्यूटी पहुंचें, इसके लिए यहां पिछले 18 महीने में अटेंडेंस लगाने की दो व्यवस्थाएं लागू की गईं, लेकिन ये व्यवस्थाएं कारगर साबित नहीं हुईं। इसे देखते हुए मंत्रालय में जल्द ही अधिकारी कर्मचारियों की अटेंडेंस फेस स्कैन के जरिए लगाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही उच्च अधिकारियों की गाडिय़ों की नंबर प्लेट स्कैन करके अटेंडेंस लगाई जाएगी। इसके लिए मंत्रालय के मुख्य द्वार पर फेस रिकग्निशन मशीनें लगाई जाएंगी। कर्मचारी इन मशीनों के सामने खड़े होकर फेस स्कैन करने के बाद ही मंत्रालय में प्रवेश कर सकेंगे। ऐसे ही ड्यूटी खत्म होने पर मंत्रालय से बाहर जाते समय कर्मचारियों को मशीन पर फेस स्कैन करना अनिवार्य होगा। इससे उनके मंत्रालय आने-जाने का सही समय सॉफ्टवेयर में दर्ज हो पाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने नई व्यवस्था शुरू करने को लेकर प्रारंभिक तकनीकी तैयारी पूरी कर ली है।
अब तक के प्रयोग असफल
बता दें कि मंत्रालय में अधिकारी-कर्मचारियों की लेटलतीफी को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने जून, 2024 में अटेंडेंस रजिस्टर में कर्मचारियों के हस्ताक्षर करवाने और फरवरी, 2025 में आधार बेस्ड फेस अटेंडेंस व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन ये दोनों ही व्यवस्थाएं कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगाने में कारगर साबित नहीं हो पाई। मंत्रालय में अधिकारी, कर्मचारियों की संख्या 1500 से ज्यादा है। मप्र सरकार ने पौने पांच साल पहले केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में फाइव डेज वीक लागू किया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने 8 अप्रैल, 2021 को इस संबंध में आदेश जारी किया था। आदेश के अनुसार कार्यालयों के पूर्व के समय (सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे) में संशोधन करते हुए सभी सरकारी कार्यालयों का समय सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कर दिया गया है। जीएडी के आदेश के बाद रविवार के साथ ही हर शनिवार को सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहने लगा है, जबकि कोरोना काल से पूर्व महीने के पहले और चौथे शनिवार को सरकारी कार्यालय बंद रहते थे। मंत्रालय में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति के लिए मंत्रालय के मुख्य द्वार पर फेस रिकग्निशन मशीनें लगाई जाएंगी। कर्मचारी इन मशीनों के सामने खड़े होकर फेस स्कैन करने के बाद ही मंत्रालय में प्रवेश कर सकेंगे। ऐसे ही ड्यूटी खत्म होने पर मंत्रालय से बाहर जाते समय कर्मचारियों को मशीन पर फेस स्कैन करना अनिवार्य होगा। इससे उनके मंत्रालय आने-जाने का सही समय सॉफ्टवेयर में दर्ज हो पाएगा। ऐसे ही जिन अधिकारी, कर्मचारियों को सरकारी गाडिय़ां आवंटित हैं, मंत्रालय जाते और वहां से बाहर आते समय गाडियों की नंबर प्लेट स्कैन होगी। इसके जरिए उनकी हाजिरी लगाई जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अधिकारी, कर्मचारी समय पर मंत्रालय पहुंचे और कार्य संस्कृति में अनुशासन बढ़े।

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