470 दिनों में पेश नहीं हो सका सौरभ शर्मा का आरोप-पत्र

सौरभ शर्मा
  • संपत्तियों की गणना में उलझी लोकायुक्त टीम

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राजधानी भोपाल में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर लोकायुक्त  और आयकर के छापों को 470 दिन पूरे हो चुके हैं। लोकायुक्त द्वारा दर्ज प्रकरण में सौरचे और उसके दोनों साथियों चेतन गौर और शरद जायसवाल को जमानत भी मिल चुकी है। लेकिन अब तक लोकायुक्त पुलिस इस प्रकरण में न्यायालय में आरोप पत्र (चालान) पेश नहीं कर सकी है। लोकायुक्त टीम अब भी प्रकरण में अन्वेषण अर्थात सौरभ की बेनामी संपत्ति की गणना में अब भी उलझी है। विभागीय अधिकारी भी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि इस प्रकरण की जांच कब तक ही सकेगी और कब तक न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया जा सकेगा।
चालान में देरी से सवा चार महीने में मिली जमानत
लोकायुक्त टीम ने 18 दिसम्बर 2024 को सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी स्थित तीन ठिकानों पर छापे मारे थे। इनमें सौरभ का निवास, जयपुरिया स्कूल कार्यालय और चेतन के नाम पर खरीदे एक अन्य मकान पर एक साथ कार्रवाई हुई। लोकायुक्त की कार्रवाई के बीच से निकलकर मेंडोरी के जंगल में पहुंची चेतन गौर के नाम की से इसी दिन देर रात में आयकर टीम ने 52 किलो सोने की ईंट और 11 करोड़ नकदी बरामद की थी। लोकायुक्त टीम ने तीनों ठिकानों से 235 किलो चांदी के अलावा सोने-चांदी के गहने, नकदी और संपत्तियों के दस्तावेज सहित कुल लगभग 8 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्ती दिखाई। सवा महीने बाद सौरभ के न्यायालय में हाजिर होने और अगले दिन नाटकीय गिरफ्तारी के बाद शरद और चेतन भी लोकायुक्त कार्यालय पहुंच गए। लोकायुक्त ने कार्रवाई के बाद मिले दस्तावेजों में मिली सभी अचल संपत्तियों के राज लोकायुक्त टीम ने अब तक नहीं खोले हैं।

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