कमजोर सीटों पर संघ तैनात करेगा पूर्णकालिकों को

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  • मिशन 2027 और 2028 के लिए संघ की रणनीति

गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जिन विधानसभा सीटों पर हारी है और वर्तमान स्थिति में जिन सीटों पर कमजोर नजर आ रही है, उन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)मोर्चा संभालेगा है। दरअसल, संघ ने मप्र में 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव और 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाई है कि अभी से वह भाजपा  की कमजोर सीटों पर अपने पूर्णकालिकों और वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय करेगी। संघ की रणनीति के अनुसार संघ के वरिष्ठ नेता अब सीधे तौर पर चुनावी क्षेत्रों की कमान संभालेंगे और कमजोर क्षेत्रों में रात्रि प्रवास करेंगे। गौरतलब है कि मप्र भाजपा और संघ की प्रयोग भूमि है। इसलिए दोनों की कोशिश इस बात पर है कि यहां भाजपा की जड़े कमजोर न हो। प्रदेश में करीब 23 साल से सत्ता संभाल रही भाजपा अभी भी कांग्रेस को लेकर लापरवाह नहीं है। पार्टी ने अपने ऐसे विधानसभा क्षेत्रों को चिन्हित किया है, जहां पर उनके विधायक पहले से कमजोर हुए है और जहां पर कांग्रेस के विधायक है। इन क्षेत्रों में संघ के पूर्णकालिकों के अलावा बड़े नेता डेरा डालेंगे। मप्र भाजपा निकाय चुनावों से पहले अपनी जमीनी पकड़ को और मजबूत बनाने की तैयारी में है। इसके लिए पार्टी ने तय किया है कि जहां पर उनके दल के विधायकों की जमीन खिसक रही है, वहां संघ के पूर्णकालिकों को भेजा जाएगा। जिनके द्वारा विधानसभा के हर बूथ स्तर पर रात्रि विश्राम कर वहां की जनता से भाजपा की विचारधारा और सरकार के कामकाजों की चर्चा की जाएगी। वहां जनता को बताया जाएगा कि भाजपा की जीत देश प्रदेश के लिए क्यों जरूरी है।
समन्वय पर रहेगा जोर: बताया गया है कि पूर्णकालिकों और नेताओं को मैदान पर भेजने के पहले कमजोर आंके जा रहे विधायकों की बैठक भोपाल में बुलाई जाएगी। जिन्हें पार्टी की रणनीति से अवगत कराते हुए निर्देशित किया जाएगा कि उन्हें पार्टी द्वारा दी गई व्यवस्था के आधार पर अपने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ानी है। बताया गया है कि भोपाल में इस संबंध में पार्टी नेतृत्व द्वारा रणनीति वनाते समय इस बात पर भी फोकस किया गया कि क्षेत्रों में पार्टी के अंदर खींचतान जैसी स्थिति है। विशेष तौर पर कांग्रेस से आए कार्यकर्ताओं और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच अब तक पूरी तरह से तालमेल नहीं वन पाया है। जानकारों का कहना है कि इस बार पार्टी ने तय कर लिया है कि निकाय चुनावों के टिकट संभागीय स्तर पर ही तय किए जाएंगे। टिकट के लिए किसी भी कार्यकर्ता को भोपाल नहीं आना पड़ेगा। पार्टी मुख्यालय में निकाय चुनावों के लिए न तो बैठक होगी और न ही किसी भी तरह की समिति का गठन किया जाएगा।
चौपाल लगाकर गिनाई जाएगी उपलब्धियां
जानकारों की माने तो ऐसे क्षेत्रों में पूर्णकालिकों के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता और जिला स्तर के पदाधिकारी भी जुटेंगे। नेताओं को बूथ स्तर तक रात्रि विश्राम करना होगा। इस दौरान उनके द्वारा चौपाल लगाकर लोगों को सरकार की विकास योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। ये बेता प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दिन में शिविर भी लगाएंगे, जहां मौके पर ही लोगो की समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा। पार्टी के जानकारों की माने तो भाजपा अभी से निकाय चुनावों की तैयारी में जुट गई है। इन क्षेत्रों में लगाए गए नेताओं द्वारा पार्टी को बताया जाएगा कि निकायों के लिए किन्हें पार्षद पद का और किन्हें अध्यक्ष पद के लिए टिकट दिए जाने चाहिए। बताया गया है कि पूर्णकालिक क्षेत्रों में अपनी सक्रियता के दौरान स्थानीय युवाओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का सहयोग लेंगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं की सक्रियता के आधार पर ही निकाय चुनावों में टिकट दिए जाने की सिफारिश की जाएगी।
कमजोर क्षेत्रों में रात्रि प्रवास
रणनीति के अनुसार, संघ के पदाधिकारियों और बड़े नेताओं को उन क्षेत्रों में रात बितानी होगी, जहां भाजपा विधायक कमजोर स्थिति में हैं या जहां पार्टी के प्रति असंतोष है। संघ के कार्यकर्ता डोर-टू-डोर अभियान चलाएंगे, जिससे भाजपा के उम्मीदवारों की स्थिति को सुधारा जा सके। पार्टी संगठन और सरकार के बीच समन्वय बढ़ाने तथा कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मतदाताओं को केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और हिंदुत्व के मुद्दों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बताया गया है कि पूर्णकालिकों को उन क्षेत्रों में भी भेजा जाएगा, जहां पर कांग्रेस विधायक है। वहां पर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर दस्तक दी जाएगी। पूर्णकालिक क्षेत्र की समस्याओं को चिन्हित करेंगे और उन्हें निराकृत कराने के लिए वे स्वयं शासन प्रशासन से पहल करेंगे। समस्या का समाधान होने और विकास कार्यों की सौगात मिलने के बाद पूर्णकालिकों द्वारा विधिवत रुप से उसका प्रचार प्रसार किया जाएगा, जिससे लोगों को यह पता चल सके कि उनके यहां भाजपा द्वारा काम कराए जा रहे है।

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