भोपाल में सीनियर अफसरों की पदस्थापना पर सवाल

अफसरों की पदस्थापना
  • पीएचक्यू में 6 एडीजी के पास कई ब्रांच

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल में डीजी, स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के सीनियर आईपीएस अफसरों की पदस्थापना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार के नजरिए से बेहद अहम कई प्रमुख ब्रांच में जहां एडीजी स्तर के अफसर पदस्थ है, वहीं कुछ अधिकारियों के पास तो कई शाखाओं की जिम्मेदारी है। इससे उलट जेल विभाग में दो आईपीएस अधिकारी महानिदेशक के पद पर पदस्थ हैं। यहां 1991 बैच के डीजी जेल वरुण कपूर और 1992 बैच के स्पेशल डीजी जेल के रूप में जी अखितो सेमा पदस्थ हैं। वरुण कपूर की तैनाती यहां गोविंद प्रताप सिंह के रिटायर होने के बाद की गई है। इससे उलट पीएचक्यू में स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के कई अफसरों के पास एक से अधिक शाखाओं की अहम जिम्मेदारी है। आलम ये है कि जिन प्रमुख शाखाओं में डीजी और स्पेशल डीजी स्तर के अफसर होने चाहिएं वहां भी एडीजी स्तर के अफसर काम संभाल रहे हैं। पीएचक्यू में फिलहाल सबसे ज्यादा अतिरिक्त प्रभार देव प्रकाश (डीपी) गुप्ता के पास हैं। वे शिकायत एवं मानवाधिकार शाखा के अलावा कम्युनिटी पुलिसिंग, आरटीआई, लोक सेवा गारंटी, कॉऑपरेटिव फ्रॉड, पुलिस मैनुअल, आरएंडडी, और पुलिस रिफॉम्र्स जैसी सात शाखाओं का प्रभार संभाल रहे हैं।
दो माह की जनसुनवाई में 3 अफसर तैनात
एडीजी कंप्लेन बनने के बाद डीजी गुप्ता ने नवंबर माह में जनसुनवाई की कमान संभाली, लेकिन पहली बार जनसुनवाई के बाद वे स्वास्थ्य कारणों से लंबे अवकाश पर गए। इस कारण पिछले दो माह में पुलिस मुख्यालय में होने वाली जनसुनवाई भी प्रभावित हुई। उनके छुट्टी पर होने के कारण यहां पहले तो पूर्व में इस शाखा का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे एडीजी राजाबाबू सिंह को भेजा गया था। इसके बाद एडीजी टेक्निकल सर्विस और नारकोटिक्स केपी वेंकटेश्वर राव को जनसुनवाई में भेजा गया। इसी तरह एक से अधिक शाखाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे आला अफसर जब अवकाश पर रहते हैं तो उन शाखाओं से जुड़े रुटीन कामकाज और सरकारी पत्राचार एवं अहम फैसलों में भी देरी हो रही है।
आईपीएस मीट के बाद बदलाव
इस मामले को लेकर गृह विभाग के अफसरों से लेकर पीएचक्यू के आला अधिकारी इसे सरकार की व्यवस्था बताकर कुछ भी कहने से पल्ला झाड़ रहे हैं। हालांकि नए साल में पुलिस महकमे के आला अफसरों की नए सिरे से जमावट को लेकर लंबे समय से कवायद जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी 16 और 17 जनवरी को भोपाल में होने वाली आईपीएस मीट के बाद पुलिस इन सीनियर आईपीएस अफसरों की नई पदस्थापना कर सकती है। इसके अलावा केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर गए एडीजी स्तर के दो अधिकारी डी श्रीनिवास वर्मा और अंशुमान यादव भी एक माह पहले पीएचक्यू में अपनी आमद दे चुके हैं। इन दोनों अफसरों को भी अब तक कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है।

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