
- लोन के नाम पर की थी 18 करोड़ की हेराफेरी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। जबलपुर में कैनरा बैंक के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले पुष्पेंद्र सिंह व उसकी कंपनी जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स की 45 करोड़ की अटैच प्रॉपर्टी अब बैंक को सौंपी जाएगी। ईडी भोपाल को कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस लोन घोटाला में कुर्क की गई सभी संपत्तियां बैंक के नाम कर दी जाएं ताकि उसे बेचकर बैंक 18 करोड़ के लोन की भरपाई कर सके।
इस घोटाले की शुरुआत तब हुई जब पुष्पेंद्र सिंह ने जाली दस्तावेजों और फर्जी खरीदारों के नाम पर बैंक से वाहनों के लिए लोन लिए। हैरानी की बात यह थी कि कागजों पर तो गाड़ियां खरीदी गई, लेकिन हकीकत में शोरूम से एक भी वाहन बाहर नहीं निकला। बैंक से मिली करोड़ों की इस राशि को पुष्पेंद्र ने बड़ी चालाकी से अपने दूसरे धंधों और परिवार के निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया। केनरा बैंक प्रबंधन द्वारा की गई शिकायत के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। खुलासा हुआ कि बैंक के 18.32 करोड़ रुपए के लोन का पुष्पेंद्र सिंह ने गबन किया। ईडी ने इस मामले में धोखाधड़ी की जड़ों तक पहुंचकर आरोपी की संपत्तियों को कुर्क करना शुरू किया। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत पुष्पेंद्र की अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया। स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि कुर्क की गई इन संपत्तियों को कैनरा बैंक के हवाले कर दिया जाए। बैंक का नुकसान भले ही 18 करोड़ रुपए के आसपास था, लेकिन ईडी द्वारा अटैच संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य 45 करोड़ रुपए है।
