जीतू पटवारी के बयान पर सियासी बवाल

जीतू पटवारी
  • पटवारी के ‘वनवास’ वाले बयान पर भाजपा ने दी नसीहत

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश कांग्रेस में सबकुछ अच्छा नहीं चल रहा है। राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह अपने बयान को लेकर जहां अपनो से घिर गए है, तो वहीं प्रदेश कांग्रेस के मुखिया जीतू पटवारी के एक बयान ने प्रदेश में सियासी हलचल मचा दी है। पटवारी ने कहा कि वे वनवास भोग रहे हैं, तो भाजपा ने कहा कि राम बनने की वे कोशिश नहीं करें। दरअसल मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीत जीतू पटवारी ने इंदौर में बयान दिया कि वे स्वयं वनवास भोग रहे है। उनका यह बयान सोशल मीडिया में वायरल होते ही सियासी बयानों का दौर जारी हो गया। पटवारी के इस बयान को कांग्रेस जहां भावनात्मक संघर्ष और राजनीतिक लड़ाई से जोडक़र देख रही है, वहीं बीजेपी इसे नाटकीयता और आत्ममुग्धता करार दे रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने जीतू पटवारी के बयान का समर्थन करते हुए उनके बयान को भगवान राम से जोड़ दिया। पीसी शर्मा ने कहा कि वनवास में रहकर भगवान राम ने रावण का वध किया था और आज मध्यप्रदेश की परिस्थितियां भी कुछ ऐसी ही हैं। उनका कहना है कि जीतू पटवारी संघर्ष के रास्ते पर हैं और उसका परिणाम सकारात्मक होगा। बीजेपी ने शर्मा के इस बयान पर कड़ा एतराज जताया है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जीतू पटवारी की तुलना श्री राम से करना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने ही जीतू पटवारी को वनवास दिया है। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी राम बनने की कोशिश नहीं करें, बल्कि उनकी पैरों की धूल बनें।
जिला प्रशासन ने आरोपों को नकारा
इथर कांग्रेस के इस आरोप पर स्थानीय जिला प्रशासन ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। खंडवा जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी नागार्जुन बी. गौड़ा ने कहा कि, एआई जनित तस्वीरों का राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। हकीकत यह है कि खंडवा जिले में जल संचय, जन भागीदारी अभियान के तहत कुल 1,29,046 वास्तविक जल संरक्षण कार्यों की सत्यापित फोटो जेएसजेबी पोर्टल पर अपलोड की गईं, जिन्हें केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने जांचा और निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि उन फोटो को अपलोड करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कैच द रेन पोर्टल, जल संचय जन भागीदारी पोर्टल से पूरी तरह अलग है, और कैच द रेन पोर्टल पर अपलोड की गई शैक्षणिक फोटो को जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार के लिए विचार में नहीं लिया जाता है।
एआई की तस्वीर से जीता पुरस्कार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने एआई की तस्वीरों का उपयोग कर राष्ट्रीय जल पुरस्कार जीता। उन्होंने कहा कि खंडवा को जो पुरस्कार मिला, वह गलत जानकारी के आधार पर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि खंडवा जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कार जीतने के लिए एआई से निर्मित तस्वीरों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया। पटवारी ने सोशल मीडिया एक्स में लिखा कि जहां भाजपा सरकार को हमारे बच्चों को एआई का सदुपयोग सिखाना चाहिए, वहीं वह खुद एआई से भ्रष्टाचार कर रही हैं। खंड़वा में भाजपा सरकार के अधिकारियों ने जल संरक्षण के नाम पर दो फीट के गड्डों को एआई से कुआं बना दिया और पूरे क्षेत्र में तरह तरह के विकास कार्यों की एआई से बनाई गई तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड कर दीं। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर राष्ट्रपति से पुरस्कार भी ले लिया गया। जब जमीनी हकीकत सामने आई, तो वहां खेत और खाली मैदान निकले।

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