- दिग्विजय सिंह की अगुआई में कवायद हुई प्रारंभ…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश में एक बार फिर दलित राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस दलितों और आदिवासियों को साधने में जुटी है। वह ग्वालियर में डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा हाई कोर्ट खंडपीठ के परिसर में लगाने को लेकर हुए विवाद में दलितों के साथ खड़ी हुई।
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया से लेकर पार्टी के अन्य नेता दलित संगठनों के साथ विवाद में एकतरफा खड़े रहे। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अगुआई में दलित एजेंडा तैयार करने काम प्रारंभ किया गया है। वहीं, कांग्रेस ने आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिए असभ्य बयान का विरोध न करके आदिवासी वर्ग को समर्थन का संदेश देने का काम किया है। प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में एससी के लिए 35 और एसटी के लिए 47 सीटें सुरक्षित हैं। इसके अलावा लगभग 40 सीटें और ऐसी हैं, जिनमें दोनों वर्ग प्रभावी भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि कांग्रेस हो या भाजपा के नेता दलित आदिवासी की चिंता करते हैं। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दों के कारण दलित आदिवासी मतदाताओं का झुकाव कांग्रेस की तरफ हुआ तो 15 वर्ष बाद कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस ने ने सत्ता में वापसी की। वर्ष 2023 के चुनाव में बाजी पलटी। अगले चुनाव वर्ष 2028 में होने हैं लेकिन प्रदेश में दलित-आदिवासी राजनीति तेज हो गई है। ग्वालियर चंबल में एससी वर्ग कई सीटों पर निर्णायक भूमिका में है। इसे देखते हुए इस वर्ग के मुद्दों पर नेता मुखर हैं।
यही स्थिति आदिवासियों को लेकर भी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का पूरा फोकस आंदिवासी क्षेत्रों पर है तो तो संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिए असभ्य बयान का विरोध करने के स्थान पर पार्टी ने चुप्पी साध ली। दरअसल, वर्मा आदिवासी समाज से आते हैं और उस अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष हैं, जिसे कांग्रेस का हमेशा समर्थन मिला है। संतोष वर्मा को शासन द्वारा दिए गए नोटिस, के विरोध में जयस के साथ अन्य आदिवासी संगठन एकजुट हैं।
2027 में घोषित होगा दलित पूजेंडा
उघर, दिग्विजय सिंह की अगुआई में दलित एजेंडा बनाया जा रहा है। वर्षभर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में इसको लेकर गतिविधियां चलेंगी और 13 जनवरी, 2027 को इसे घोषित किया जाएगा। इसके पहले वर्ष 2002 में जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, तब दलित एजेंडा लागू हुआ था। यह अलग बात है। कि अगले वर्ष हुए हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली थीं।
एजेंडा की राजनीति करती है कांग्रेस: रजनीश अग्रवाल
प्रदेश भाजपा के मंत्री रजनीश अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस का अतीत एससी-एसटी वर्ग के विकास के लिए काम करने का नहीं रहा है। जाति को जाति से लड़ाने का काम कांग्रेस ने किया है। वह एजेंडा की राजनीति करते हैं. और भाजपा सामाजिक समरसता की बात करती है। इन वर्गों के कल्याण, और सशक्तीकरण के लिए हमारी सरकारे काम कर रही हैं।
