गलत खातों में भुगतान…अब वसूली पड़ रही भारी

वसूली

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। करीब तीन महीना पहले एमपीएसईडीसी (मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) ने गलत ढंग से भुगतान कर दिया। उस समय कहा गया कि गलती से गलत खातों में भुगतान हो गया था, लेकिन उसको रिकवर कर लिया गया है। लेकिन अब संबल योजना में फर्जीवाड़े की बू आ रही है। दरअसल, दावों के विपरीत अभी तक पूरी राशि की वसूली नहीं हो पाई है। अब उसे इस राशि की वसूली भारी पड़ रही है। गौरतलब है कि प्रदेशभर के 572 गलत खातों में 10 मार्च को 1144 लाख का भुगतान कर दिया गया  है। यह गड़बड़ी एमपीएसईडीसी स्तर पर हुई। जब तक गलत भुगतान का पता चला तब तक बड़े पैमान पर राशि निकाली जा चुकी थी। हालांकि गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही संबंधित बैंक खातों को होल्ड करवा दिया गया था। जो राशि निकाल ली गई है ,उसकी रिकवरी के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की मानें तो अब रिकवरी आसान काम नहीं है। संबल के तहत पात्र हितग्राही जिनकी सामान्य मृत्यु होती है । उन्हें नियमों के अनुसार 2 लाख रुपए की सहायता राशि शासन द्वारा दी जाती है। इसके लिए संबंधित निकाय द्वारा पूरा परीक्षण किया जाता है। हितग्राही के संबंधित खाते, आईएफएससी कोड की जानकारी दी जाती है और खाते में राशि का भुगतान किया जाता है।
अन्य व्यक्तियों के खाते में चली गई राशि
 10 मार्च को संबल योजना के हितलाभ का वितरण सिंगल क्लिक से किया गया, लेकिन हितलाभ वितरण के दौरान एमपीएसईडीसी स्तर पर बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हो गई। अनुग्रह राशि वास्तविक हितग्राहियों को न जाकर अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों में चली गई। सतना जिले के 18 व्यक्तियों के गलत खातों में राशि पहुंची है। इसमें मझगवां के 3, मैहर के 3, अमरपाटन के 2, रामपुर बाघेलान के 1, नागौद के 3, सोहावल के 3, नगर परिषद बिरसिंहपुर के 1 सतना के 1, नगर परिषद अमरपाटन के 1 खाते में गलत राशि पहुंची है। इसमें से चार हितग्राहियों ने राशि निकाल ली है। मामले में जिम्मेदारों ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। श्रम विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने भी कारण को लेकर अनभिज्ञता जताई। यह जरूर कहा है कि शासन से रिकवरी के आदेश के अनुसार इसकी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वहीं जनपद और श्रम विभाग के अधिकारियों से जब यह पूछा गया कि जिन वास्तविक हितग्राहियों की राशि किसी अन्य के खाते में चली गई है, ऐसे में वास्तविक हितग्राही को लाभ कब तक मिलेगा, इस पर भी वे कुछ बता पाने में असमर्थ नजर आए। श्रमायुक्त सतना संभाग हेमंत डेनियल का कहना है कि संबंधित निकायों को सूची गई है। जिन गलत खातों में राशि पहुंची है, उनकी रिकवरी के लिए कहा गया है। सीईओ सोहावल अशोक मिश्रा का कहना है कि श्रम विभाग से पत्र मिला था। संबंधित खातों में राशि होल्ड कराई गई है। एक खाते से राशि निकाल ली गई है। उसकी रिकवरी की प्रक्रिया की जाएगी।

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