पटवारी बोले- सिर्फ वोट बैंक के लिए सनातन की बात करती है बीजेपी

  • शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोकने का मामला

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गंगा स्नान से रोके जाने के मामले पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जो भाजपा खुद को सनातन धर्म का रक्षक बताती है, वही सनातन परंपरा के सर्वोच्च पद शंकराचार्य का अपमान कर रही है।,जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य को माघ मेले में गंगा स्नान से रोका गया और उनके अनुयायियों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ वोट बैंक के लिए सनातन की बात करती है, लेकिन व्यवहार में उसके विपरीत काम करती है।
गलत अधिकारियों को मिल रहा इनाम
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि छिंदवाड़ा के कफ सिरप कांड में बच्चों की मौत के जिम्मेदार अधिकारी दिनेश कुमार मौर्य को हटाने के बाद फिर बड़े पद पर बैठा दिया गया। इसी तरह इंदौर में दूषित पानी से मौतों के बाद हटाए गए अधिकारी को भी नई जिम्मेदारी दे दी गई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सजा नहीं, बल्कि इनाम देने की नीति पर चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 32 लाख करोड़ के निवेश और 26 लाख रोजगार का दावा किया था, लेकिन हकीकत में केवल 3 प्रतिशत निवेश ही जमीन पर उतरा है। प्रदेश पर रोजाना 200 करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ रहा है, जबकि मुख्यमंत्री विदेश यात्राओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं।
युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
पटवारी ने कहा कि जब युवा रोजगार और भर्ती की मांग करते हैं तो उन पर लाठियां चलाई जाती हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में रोजाना औसतन 22 बच्चियों से दुष्कर्म और 23 बच्चियों के लापता होने के मामले सामने आ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में गौ हत्या और गौमांस तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। भोपाल के स्लॉटर हाउस में गौ मांस मिलने की घटना बेहद गंभीर है। साथ ही ड्रग्स का कारोबार भी खुलेआम चल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश को अपराध, भ्रष्टाचार, प्रदूषण और नशे की ओर धकेल दिया है। कांग्रेस जनता के हित में इन मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी।
एमपी में हवा-पानी तक प्रदूषित
पीसीसी चीफ ने कहा कि राजस्थान के बाद मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा प्रदूषित प्रदेश बन गया है। उन्होंने एनजीटी का हवाला देते हुए बताया कि प्रदेश का करीब 70 प्रतिशत पानी पीने लायक नहीं है। दूषित पानी से मौतों के मामलों में अब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई।

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