
- आयुक्तों के पांच पद रिक्त
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राज्य सूचना आयोग में सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत दायर द्वितीय अपीलों का लंबित बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। आयोग में इस समय करीब 30 हजार से अधिक अपीलें सुनवाई की प्रतीक्षा में हैं। इसका मुख्य कारण सूचना आयुक्तों के कई पदों का खाली होना बताया जा रहा है। वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त सहित केवल चार आयुक्त ही कार्यरत हैं, जबकि आयोग में कुल दस पद स्वीकृत हैं। ऐसे में अपीलों के निपटारे की प्रक्रिया धीमी हो गई है और लोगों को जानकारी पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। आयोग में प्रतिवर्ष करीब छह हजार नई द्वितीय अपीलें पहुंचती हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में केवल एक हजार से 1500 अपीलों का ही निपटारा हो पाता है। आयोग की प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 की शुरुआत में 12 हजार 619 अपीलें लंबित थीं, जो वर्ष के अंत तक बढक़र 17 हजार 933 हो गईं। यानी एक वर्ष में 5,314 अपीलों की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान आयोग ने 1,140 अपीलों का ही निराकरण किया।
2025 में और बढ़ा दबाव: वर्ष 2025 में लंबित मामलों का बोझ और बढ़ गया। अनुमान है कि इस दौरान लगभग 12 हजार नई अपीलें और जुड़ गईं। इसके चलते कुल लंबित मामलों की संख्या करीब 30 हजार तक पहुंच गई है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक आती हैं। आरटीआइ के तहत जानकारी नहीं मिलने पर पहले विभाग में अपील और उसके बाद दूसरी अपील राज्य सूचना आयोग में की जाती है। लेकिन आयोग में लंबित मामलों के कारण लोगों को सूचना प्राप्त करने में काफी समय लग रहा है। ऐसे में अब सभी की नजर नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर टिकी हुई है, जिससे अपीलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज हो सके।
आयुक्तों के रिक्त पद से बढ़ा लंबित बोझ
राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त का एक और सूचना आयुक्तों के नौ पद स्वीकृत हैं। इनमें से पांच पद लंबे समय से खाली हैं। जानकारी के अनुसार दो नए सूचना आयुक्तों के नामों को राज्यपाल की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी हो सकती है। अधिकारियों का मानना है कि नए आयुक्तों के कार्यभार संभालने के बाद लंबित अपीलों के निपटारे में तेजी आएगी।
