
- गड़बड़ी मिली तो वाहन मालिक को भेजा जाएगा मोबाइल पर ई-चालान
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में अब हाईटेक तरीके से अवैध खनिज परिवहन और खनन को रोका रोकने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने 40 ई-चेक पोस्ट स्थापित किए है, जहां से फिलहाल केवल वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। लेकिन अब ये ई-चेक पोस्ट वाहन में लोड खनिज की पहचान भी करेंगे और गड़बड़ी मिलने पर वाहन मालिक को ऑनलाइन मोबाइल पर ई-चालान भेजेंगे।
गौरतलब है कि मप्र में खनिज संपदा का अवैध खनन और परिवहन लगातार हो रहा है। सरकार इनको रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में अब प्रदेश में अवैध परिवहन पर ई-चेक पोस्ट नजर रखेंगे, गड़बड़ी पाई जाने पर ऑनलाइन चालान भी होगा। अवैध परिवहन की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर भोपाल में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और भोपाल एवं रायसेन में जिला कमांड सेंटर स्थापित किए गए हैं। बता दें कि मप्र में 728 रेत खदानें वैध हैं, तो 200 से अधिक अवैध रेत खदानें भी संचालित हो रही हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने जून 2024 में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद अभियान चलाकर देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, खरगोन, हरदा एवं शहडोल सहित प्रदेशभर में अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण तथा ओवरलोडिंग के कुल लगभग 200 प्रकरण दर्ज कर डंपर, पोकलेन मशीन, पनडुब्बी इत्यादि जब्त करने के साथ 1.25 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
नियम बनाकर शासन को भेजा
जानकारी के अनुसार, ई-चालान के नियम बनाकर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा है। नियम लागू होते ही ई-चेक पोस्ट से अवैध परिवहन पर संबंधित वाहन मालिक को मोबाइल पर ई-चालान भेजे जाएंगे। ई-चेक पोस्ट पर लगे आधुनिक कैमरे वाहन में लोड खनिज की पहचान भी करेंगे कि कौन सा खनिज परिवहन किया जा रहा है। इसके लिए सॉफ्टवेयर बनाया गया है, जिससे आधुनिक कैमरों को जोड़ा गया है। प्रदेश में अवैध परिवहन रोकने के लिए एआई आधारित इन ई-चेक पोस्ट पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी लीडर, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों की जांच की जाएगी। प्रदेश में वर्ष 2024-2025 में अवैध उत्खनन व परिवहन के 10,956 मामले दर्ज किए गए थे। इन पर केवल जुर्माने की ही कार्रवाई की गई, जबकि अवैध उत्खनन के गंभीर मामलों में सजा का भी प्रविधान है। कई बार उत्खननकर्ता खनिज अधिकारियों या उत्खनन रोकने आए अमले पर जानलेवा हमला करते हैं। गत वर्ष में भिंड में उत्खनन रोकने गए प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी की मौत तक हो चुकी है। मध्य प्रदेश में 2025 में अवैध उत्खनन के 1565, अवैध परिवहन के 8540 और अवैध भंडारण के 851 मामले दर्ज किए गए। इनसे 83 करोड़ 74 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। अप्रैल 2024 से अब तक दर्ज मामलों में यह स्थिति है।
