
- कैबिनेट बैठक में मिशन वात्सल्य योजना को 5 साल तक बढ़ाया गया
गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में किसानों, बच्चों, स्वास्थ्य सेवाओं और वैज्ञानिक शोध जैसे कई क्षेत्रों को लेकर बड़े फैसले लिए गए। बैठक के सभी निर्णय लोगों के जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं और आने वाले समय में इनके व्यापक प्रभाव देखने की उम्मीद है। बैठक में मिशन वात्सल्य योजना के तहत गैर-संस्थागत सेवा योजना को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने की सहमति दी गई। इस योजना में उन बच्चों को मदद मिलेगी जिनकी देखभाल माता-पिता किसी कारणवश नहीं कर पा रहे हैं। पात्र बच्चों को हर महीने 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 18 वर्ष के बाद संस्थानों से बाहर होने वाले बच्चों को आफ्टर केयर के माध्यम से रोजगार प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना से पूरे प्रदेश में 33,346 बच्चों को सीधा लाभ होगा। इसके लिए कुल 1,022 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी। केंद्र और राज्य दोनों इसका भार उठाएंगे।
वहीं सोशल इंपैक्ट बॉड योजना में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना सामाजिक न्याय विभाग में लागू है। सामाजिक सेवा करने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स को एक एजेंसी के माध्यम से लाभ दिया जाएगा और यह एजेंसी ऐसा काम करने वाली संस्थाओं के काम का मूल्यांकन करेगी। इसके अलावा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के गठन और पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इसमें 59.4 करोड़ का खर्च आएगा।
90 प्रतिशत सब्सिडी देगी सरकार
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। इसमें 7.50 हॉर्स पावर का सोलर बिजली मोटर लगाने के लिए किसानों से 10 राशि जमा करने का फैसला लिया गया और सरकार की ओर से 90त्न सब्सिडी देने की बात कही गई। पहले अस्थायी कनेक्शन धारकों को इसका लाभ मिलेगा इसके बाद स्थायी कनेक्शन धारकों को भी इसे लाभान्वित किया जाएगा। तीन और पांच हॉर्स पावर के बिजली कनेक्शन धारकों को भी विकल्प दिया जाएगा। 3 हॉर्स पावर वाले कनेक्शन धारा को 5 हॉर्स पावर और 5 हॉर्स पावर वाले कनेक्शन धारा को 7.50 हॉर्स पावर का कनेक्शन दिया जा सकेगा। महिला और बाल विकास विभाग के मिशन वात्सल्य योजना को भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। प्रदेश में 33246 ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें 4000 प्रतिमा दिया जाएगा। इसमें से केंद्र सरकार का अंश 60 प्रतिशत और राज्य सरकार का 40 प्रतिशत होगा।
किसानों के विचारों के अनुसार कार्य किया जाएगा
लैंड पुलिंग के विषय पर स्थानीय किसानों के विचारों के अनुसार कार्य किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले कही। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े मेले सिंहस्थ 2028 का आयोजन पूर्ण गरिमा-गौरव-भव्यता और दिव्यता के साथ करने के लिए साधु-संतों, जिला प्रशासन अन्य राज्यों में हुए कुंभ व सिंहस्थ के व्यवस्थापकों और स्थानीय किसानों के सुझाव लेकर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भावांतर योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश में सबसे पहले मध्य प्रदेश द्वारा योजना का क्रियान्वयन बड़ी उपलब्धि है। लगातार बढ़ रहे मॉडल रेट से प्रदेश को लाभ होगा। मध्य प्रदेश द्वारा की गई इस पहल से अन्य राज्य भी प्रेरणा ले रहे हैं।
1406 पदों पर भर्ती की मिली मंजूरी
वहीं मप्र के दो विभाग समेत जिला विधिक प्राधिकरण में 1406 पदों पर भर्ती के लिए सरकार की मंजूरी मिल गई है। इन 1406 पदों में से 1179 पद आयुष चिकित्सालयों के लिए हैं, जो मप्र के 13 जिलों में शुरू होंगे। इन 1179 में से 373 पद नियमित और 806 पद संविदा एवं आउटसोर्स से भरे जाएंगे। स्वीकृत नियमित पदों में प्रथम श्रेणी के 52, द्वितीय श्रेणी के 91 और तृतीय श्रेणी के 230 पद शामिल हैं। वहीं, संविदा के लिए स्वीकृत पदों में द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय श्रेणी के 117 और चतुर्थ श्रेणी के 598 पद शामिल हैं। मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में 12 साल से खाली पड़े वैज्ञानिकों के 218 पदों को भरने के लिए सेवा शर्तें एवं नियम अनुमोदित कर दिए गए हैं। इसमें गैर-वैज्ञानिक संवर्ग को भी अवसर मिलेगा। इसकी भी मंजूरी मिल गई है। विभाग द्वारा 11 मई 2015 से नवीन पदों की भर्ती पर रोक लगाई गई थी, जिसे हटाने का निर्णय लिया गया। आगर मालवा जिला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन होगा। इसके लिए 9 नए पदों को मंजूरी मिली। मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को 7वां वेतनमान का लाभ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के संवर्ग के समान देने की मंजूरी दी गई। इन्हें यह लाभ 1 जनवरी 2016 से मिलेगा।
