- एसपीएम ने बनाया पासपोर्ट पेपर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
विदेशी कागज पर बनने वाला भारत का पासपोर्ट अब स्वदेशी हो गया है। करेंसी पेपर को निर्माण करने वाले प्रतिभूति कागज कारखाना (एसपीएम) ने पासपोर्ट पेपर निर्माण में देश को आत्मनिर्भर कर दिया है। कारखाना ने सरकार से मिले इंडेन को पेपर का निर्माण भी करता है। पूरा कर आपूर्ति भी कर दी है। नर्मदापुरम स्थित एसपीएम नोटों का कागज के अलावा ज्यूडिशियल स्टाम्प भारत में पासपोर्ट बनाने के लिए इंडोनेशिया से कागज बुलाया जाता था। देश में पासपोर्ट का कागज बनाने के लिए सरकार ने नर्मदापुरम के एसपीएम को टास्क दिया था। कारखाना में कुशल कर्मचारियों और प्रबंधन की देखरेख में वर्ष 2023-24 में पीएम 5 यूनिट में लगभग 5 टन सैम्पलिंग पेपर बनाकर ट्रायल किया गया था। इसे जांच सटीक पाया गया। इसके बाद कारखाना को पासपोर्ट पेपर निर्माण करने इंडेन मिला था। एसपीएम ने समय पर पेपर निर्माण कर देश की आपूर्ति कर दी गई है। पासपोर्ट पेपर का निर्माण कर आपूर्ति कर दी गई है। इससे देश पासपोर्ट पेपर में आत्मनिर्भर और पासपोर्ट भी स्वदेशी हो गया है। इससे खर्च में भी कमी आएगी।
गुणवत्ता और सुरक्षा के मापदंड पूरे: नोटों के कागज की तरह ही पासपोर्ट पेपर में भी कई सुरक्षा फीचर होते हैं। कागज निर्माण विशेष तकनीक और सामग्री का उपयोग किया जाता है। एसपीएम का बनाया गया पेपर सभी मापदंडों पर खरा उतरा है। पासपोर्ट पेपर साधारण नहीं होता है। इसमें कई खूबियां होती हैं। पासपोर्ट के कागज के अंदर सुरक्षा धागा, वाटरमार्क होता है। यह सुरक्षा फीचर सामान्य रोशनी में दिखाई नहीं देते हैं। इन्हें हल्की नीली, बैगनी रोशनी में देखा जाता है। विशेष रसायनों बना पेपर पानी से खराब नहीं होता है। एसपीएम के अनुसार, पेपर बनाने में उपयोग की गई तकनीक बहुत ही गोपनीय होता है।
