
- वरिष्ठ नेताओं के अमर्यादित बयानों से भाजपा ने लिया सबक
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
चाल, चरित्र और चेहरे वाली भाजपा अब अपने हर कार्यकर्ता को पार्टी की रीति और नीति का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पार्टी का पूरा फोकस इस बात पर है कि कार्यकर्ता विचार से दृढ़ और व्यवहार से कैसे विनम्र हो। यह सभी उन्हें प्रशिक्षण में सिखाया जाएगा। दरअसल, मप्र में सत्तारूढ़ भाजपा के बड़े नेताओं के असभ्य और बड़बोले बयान पार्टी के लिए परेशानी का कारण बनते रहे हैं। ऐसे में अब पार्टी ने संगठन की कार्यपद्धति, वैचारिक आधार, जनसंपर्क तंत्र और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तृत मार्गदर्शन देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाया है ताकि बूथ-मंडल से जिला स्तर तक के नेताओं को भी पार्टी की रीति-नीति बताई जा सके। गौरतलब है कि नेताओं को सार्वजनिक जीवन में किस तरह अपनी बात रखनी चाहिए इसे लेकर पार्टी ने पिछले साल जून में पचमढ़ी में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया था लेकिन सुधार नहीं आया। जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह की सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर असभ्य टिप्पणी का मामला चल ही रहा है। इस बीच, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से लोगों की मौत के मामले में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अमर्यादित बयान से पार्टी को झेंपना पड़ा। अब पार्टी ने तय किया है इन प्रशिक्षण शिविरों से बड़बोले और असभ्य बयानबाजी करने वाले नेताओं को दूर रखा जाएगा। साथ ही पार्टी प्रशिक्षण देने के लिए बेदाग छवि के नेताओं को चिह्नित कर रही है। ऐसे नेताओं की सूची बनाई जा रही है, जो निर्विवाद और अपने अच्छे आचरण के लिए पहचाने जाते हों।
कल मुंबई में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला
पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान में प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतर्गत 24 फरवरी को मुंबई में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें प्रदेश स्तर से प्रमुख सदस्य सहभागिता करेंगे। इसके बाद सात अप्रैल से 14 अप्रैल तक मंडल स्तर पर और 15 अप्रैल से 20 मई तक जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। पार्टी का मानना है कि प्रशिक्षण कार्यकर्ता के व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया, विचारों की मजबूती के लिए आवश्यक है। यह कार्यकर्ताओं के गुणों को पहचानने और उन्हें निखारने का अवसर देगा। इसे लेकर प्रशिक्षण महाअभियान के पश्चिम मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रभारी प्रभारी केसी पटेल द्वारा हाल ही में भाजपा प्रदेश कार्यालय भोपाल में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला ली गई थी। इसमें इसकी रूपरेखा तय की गई। प्रशिक्षण को विषय केंद्रित रखने के साथ अनुशासन व समय-सीमा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रशिक्षण महाअभियान में ऐसे प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे जो कार्यकर्ताओं को विचार, व्यवहार और नेतृत्व तीनों स्तरों पर समृद्ध कर सकें।
