अब ईवी खरीदना भी हो गया महंगा…

ईवी खरीदना
  • 4 फीसदी देना होगा रोड टैक्स  

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम।  इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) खरीदने वालों के लिए अब सौदा पहले जैसा सस्ता नहीं रहेगा। सरकार ने शून्य प्रतिशत रोड टैक्स के रूप में मिलने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया है। अब नई खरीद पर 4 प्रतिशत टैक्स देना होगा, जिससे कीमत सीधे बढ़ जाएगी। मालूम हो कि अब तक राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रोड टैक्स पूरी तरह माफ था, लेकिन नए फैसले के बाद यह राहत खत्म हो गई है। इस बदलाव का असर सभी तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों पर पड़ेगा। यानी अब ईवी खरीदते समय ग्राहकों को पहले से ज्यादा खर्च करना होगा।
दरअसल, राज्य परिवहन विभाग ने प्रदेश की ईवी नीति में संशोधन कर दिया है। अब नए इलेक्ट्रिक वाहन पर ग्राहक को 4 प्रतिशत रोड टैक्स देना होगा। अभी तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट थी, लेकिन अब इस छूट का समाप्त कर दिया गया है। जानकारी अनुसार परिवहन विभाग ने सभी प्रकार के ईवी वाहन जैसे दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों पर रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस लागू कर दी है।  विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह टैक्स पेट्रोल व डीजल वाहनों के मुकाबले बहुत कम है, क्योंकि सरकार ईवी का बढ़ावा देना चाहती है। ईवी नीति में हुए इस बदलाव का असर सभी तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों पर पड़ेगा। चाहे कार हो, स्कूटर हो या कमर्शियल वाहन। यानी अब ईवी खरीदते समय ग्राहकों को पहले से ज्यादा खर्च करना होगा।
खरीदी पर पड़ेगा असर
मालूम हो कि राजधानी में हर साल आठ हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री होती है। ऑटो सेक्टर से जुड़े जानकार मानते हैं कि इस फैसले से बाजार की चाल बदल सकती है। अब ग्राहक पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों की तुलना नए सिरे से करेंगे। टैक्स बढऩे से ईवी की लागत बढ़ेगी, जिससे कुछ लोग अन्य विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
नया नियम कितना पड़ेगा भारी
ईवी पर टैक्स लागू होने से कीमत में सीधा इजाफा होगा। उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति 10 लाख की इलेक्ट्रिक कार खरीदता है तो उसे टैक्स के रूप में 40 हजार रुपए अतिरिक्त देने होंगे। वहीं 20 लाख की कार पर 80 हजार रुपए का टैक्स लगेगा। मालूम हो कि पेट्रोल और डीजल वाहनों पर 4 से 16 प्रतिशत तक टैक्स लिया जाता है। परिवहन विभाग का तर्क है कि राज्य में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और अन्य सुविधाएं विकसित करने के लिए फंड की जरूरत है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ईवी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है, क्योंकि कीमत बढऩे से ग्राहकों का रुझान बदल सकता है।
रेट्रोफिटिंग पर भी छूट होगी खत्म
रेट्रोफिटिंग यानी 15 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन को ईवी में बदलवाने पर भी छूट खत्म हो जाएगी। जबकि अभी तक किट नहीं मिल पाने के कारण रेट्रोफिटिंग का काम ठीक से शुरू भी नहीं हो पाया। क्योंकि पॉलिसी में शर्त है कि ईवी में यह बदलाव ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलोजी द्वारा प्रमाणित तकनीक के साथ होने पर ही छूट दी जाएगी। इस बदलाव के बाद ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ईवी की बिक्री की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है। लोग अब पेट्रोल-डीजल और हाइब्रिड गाडिय़ों के साथ ईवी की कीमतों की तुलना नए सिरे से करेंगे। टैक्स में इस बढ़ोत्तरी के कारण हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच का अंतर कम हो जाएगा, जिससे ग्राहकों का रुझान बदल सकता है। भोपाल आरटीओ जितेन्द्र शर्मा का कहना है कि शासन के निर्देश पर ईवी के टैक्स नियमों में बदलाव किया गया है। अब चार प्रतिशत रोड टैक्स लागू किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो चुका है।

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