- राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का होगा विस्तार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में सरकार राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की कवायद कर रही है। इसके लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तर्ज पर राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) का गठन किया गया है। अब सरकार एसआईएसएफ का विस्तार करने जा रही है। फिलहाल दो बटालियन वाली एसआईएसएफ की बटालियन की संख्या आने वाले समय में बढ़कर चार हो जाएगी। वर्तमान में दो बटालियनों में एसएएफ से प्रतिनियुक्ति पर आए लगभग दो हजार जवान तैनात हैं। एसआईएसएफ की दो नई बटालियनों में से हर एक में 983 कर्मचारी होंगे। इनका चयन एसएएफ से प्रतिनियुक्ति पर किया जाएगा।
एसआईएसएफ के फिलहाल रीवा के भटलो और भोपाल के भदभदा में दो क्षेत्रीय मुख्यालय हैं, जबकि पीएचक्यू परिसर में ही बल का राज्य मुख्यालय बनाया जाएगा। फिलहाल एसआईएसएफ प्रदेश में एसईसीएल, पावर जनरेशन कंपनी, भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड, मॉइल इंडिया और हिंदुस्तान कॉपर बालाघाट जैसी सरकारी कंपनियों के साथ ही कर्मचारी चयन मंडल, पतंजलि संस्कृत संस्थान, और कई बैंकों को सुरक्षा मुहैया करा रहा है। एसआईएसएफ राज्य का इकलौता ऐसा बल है जिसने पिछले 10 वर्षों में न केवल अपना पूरा खर्च खुद उठाया, बल्कि सरकारी खजाने में 118 करोड़ रुपये का मुनाफा भी जमा किया। पिछले दस साल का आंकड़ा देखा जाए तो सरकारी और निजी कंपनियों को सुरक्षा प्रदान कर एसआईएसएफ ने अब तक 511 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है। एसआईएसएफ अपनी तय दरों पर राज्य में स्थित सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी उद्योग व व्यापार को अपनी सुरक्षा प्रदान करता है। बड़े उद्योग और सरकारी महकमे एसआईएसएफ को निजी सुरक्षा बलों के बजाय इसलिए तरजीह देते हैं क्योंकि इसमें न केवल पुलिस की कड़ी ट्रेनिंग हासिल करने वाले जवान शामिल होते हैं, बल्कि ये उन्नत हथियारों से भी लैस होते हैं।
प्रतिनियुक्ति पर तैनात होंगे 1900 जवान
नए प्रस्ताव के तहत अब एसएएफ के 1900 अन्य जवानों को इन दो नई बटालियनों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाएगा। इन दो नई बटालियनों के गठन के लिए मंजूर किए गए 129 करोड़ रुपये के बजट का उपयोग दोनों बटालियनों के लिए नए और आधुनिक हथियार, वाहन, संचार उपकरण और सुरक्षा से जुड़े उपकरण खरीदने में किया जाएगा। पिछले साल जीआईएस में बड़े औद्योगिक घरानों ने करोड़ों के निवेश के समझौते किए, तो जमीन, प्लांट और सुरक्षा के लिए एसआईएसएफ की सुरक्षा चाही। फोर्स की कमी के कारण इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिल सकी। पिछले दिनों इंदौर और भोपाल में मेट्रो संचालन के लिए भी एसआईएसएफ ही पहली पसंद थी, लेकिन फोर्स की कमी के कारण यह काम भी निजी हाथों में सौंपना पड़ा। फिलहाल एसआईएसएफ के पास पावर सेक्टर, बैंकिंग सेक्टर, इंडस्ट्रियल सेक्टर, लॉजिस्टिक सेक्टर और इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा के लगभग 20 प्रपोजल पाइप लाइन में हैं। नई बटालियनों की स्थापना के बाद इन सभी को एसआईएसएफ की सुरक्षा मिल सकेगी। एसआईएसएफ एक इंस्पेक्टर रैंक के अफसर की तैनाती के लिए 5400, सब-इंस्पेक्टर के लिए 4540, एएसआई के लिए 4390, हेड कॉन्स्टेबल के लिए 3000 और आरक्षक के लिए 2850 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान लेता है। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल इंसास राइफल, जबकि उससे वरिष्ठ अधिकारी रिवॉल्वर से लैस होते हैं।
