
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश कांग्रेस में जिला स्तर पर संगठनात्मक सर्जरी की तैयारी है। जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के पांच माह बाद घोषित की जा रही जिला कार्यकारिणियों पर केंद्रीय नेतृत्व ने ब्रेक लगा दिया है। अब प्रदेश के सभी 71 संगठनात्मक जिलों में कार्यकारिणी का नए सिरे से गठन किया जाएगा। जनवरी के अंत में घोषित सागर, छिंदवाड़ा, मऊगंज और झाबुआ जिले की जंबो जिला कार्यकारिणियों की लिस्ट को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने मंजूरी देने साप इंकार कर दिया था। अब इन जिलों में भी नई और छोटी कार्यकारिणी बनाई जाएगी। एआईसीसी की ओर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला अध्यक्षों को भेजे गए पत्र में कार्यकारिणी का नया स्वरूप तय किया गया है। इसके तहत किसी भी बड़े जिले में अधिकतम 51 सदस्य ही कार्यकारिणी में शामिल हो सकते हैं, जबकि छोटे जिलों के लिए लिमिट 31 पदाधिकारियों की तय की गई है। इसी मानक के आधार पर सभी जिलों में कार्यकारिणी के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
नाथ के गढ़ में सबसे बड़ी कटौती
पार्टी नेतृत्व ने यह सख्त फैसला इन भारी-भरकम सूचियों को देखकर लिया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा की कार्यकारिणी प्रदेश में सबसे बड़ी थी, जिसमें कुल 261 सदस्य शामिल थे। इसमें 73 महामंत्री, 68 सचिव और 62 आमंत्रित सदस्य थे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार संगठन को चुस्त करने और पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए इस जंबो कल्चर को खत्म किया जा रहा है। एआईसीसी द्वारा नई लिमिट लागू होने के बाद जिला अध्यक्षों के सामने सबसे कठिन चुनौती उन नेताओं के नाम काटना है, जिन्हें कार्यकारिणी में शामिल होने का आश्वासन दिया जा चुका था। अब जिन नेताओं के नाम प्रस्तावित सूची से हटाए जाएंगे, उनकी नाराजगी संगठन के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
