- भागीरथपुरा में दूषित पानी मामले में सामने आई लापरवाही
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अभी तक 20 लोगों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार भागीरथपुरा में जर्जर सप्लाई लाइन को नई में बदलने में हर स्तर पर लापरवाही बरती गई है। अगर नगर निगम के अफसरों और महापौर ने तत्परता दिखाई होती तो यह जानलेवा हादसा नहीं होता। जानकारी के अनुसार, नई सप्लाई लाइन के लिए न तो समय पर टेंडर की फाइल बनी और न महापौर ने समय पर हस्ताक्षर किए।
गौरतलब है की भागीरथपुरा में दूषित पानी से प्रभावितों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक उल्टी-दस्त के 3200 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे-बुजुर्ग और महिलाएं हैं। यह त्रासदी नगर निगम के अफसर व जनप्रतिनिधियों की रोज की लापरवाह कार्यशैली से हुई। भागीरथपुरा में जर्जर सप्लाई लाइन को नई में बदलने के लिए एमआईसी में प्रस्ताव पास होने से लेकर वर्क ऑर्डर देने में ही काफी देरी हुई।
महापौर ने 67 दिन बाद किए हस्ताक्षर: नगरीय विकास एसीएस संजय दुबे की बैठक में अफसरों पर काम न करने आरोप लगाने वाले महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने ही इस फाइल पर 67 दिन बाद हस्ताक्षर किए थे। दूसरे मामले में टेंडर की फाइल बनाने में 7 माह लगा दिए। वर्क ऑर्डर भी दिए तो लेटलतीफी ऐसी कि 10 माह में पूरा होने वाला काम 35 माह में भी पूरा नहीं हुआ। इधर, आरएसएस ने बुधवार शाम महापौर भार्गव व कलेक्टर शिवम वर्मा को तलब किया। संघ कर्यालय में में डेढ़ डेढ़ घंटे घंटे मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन सिंह ने बैठक ली। बताते हैं, संघ पदाधिकारियों ने उचित व्यवस्थाएं बनाने पर जोर दिया। दोनों की क्लास भी लगाई। भागीरथपुरा में गंदे पानी की समस्या आने पर 25 नवंबर 2022 को नगर निगम की एमआइसी बैठक में 106 क्रमांक संकल्प पारित हुआ। इसमें भागीरथपुरा में नर्मदा पाइप लाइन बिछाने और नए कनेक्शन के लिए मालवा इंजीनियरिंग का चयन किया गया। प्रस्ताव पास लेने के बाद ये फाइल अचानक गायब हो गई। बताते हैं. यह परिषद कार्यालय में ही रखी रही। करीब 67 दिन बाद 30 जनवरी 2023 को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस पर हस्ताक्षर किए।
हर स्तर पर हुई लापरवाही
जानकारी के अनुसार भागीरथपुरा में नई लाइन बिछाने में हो रही देरी में हर स्तर पर लापरवाही सामने आई है। 22 जुलाई 2022 को आयुक्त ने नई पाइपलाइन डालने का प्रस्ताव बनाया। 25 नवंबर 2022 को एमआइसी में प्रस्ताव पास और 30 जनवरी 2023 को महापौर ने हस्ताक्षर किए। 30 जनवरी को ही आयुक्त कार्यालय ने मुहर लगाई। 3 फरवरी 2023 को अपर आयुक्त कार्यालय से प्रस्ताव पर लगी मुहर। वहीं दूसरे प्रकरण में भी निगम की लापरवाही सामने आई है। भागीरथपुरा में नई लाइन बिछाने के लिए 12 नवंबर 2024 को टेंडर के लिए फाइल बनाई। 7 माह बाद 30 जुलाई 2025 को टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। टेंडर प्रक्रिया पूरे होने के महीनों बाद भी वर्क आर्डर जारी नहीं हुआ।
08/01/2026
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