- मुख्य आरोपी अब भी फरार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
आगर मालवा जिले के आमला में स्थित तीर्थ फॉर्म हाउस से 10 करोड़ की 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ इसे तैयार करने वाली लैब का भंडाफोड़ होने के बाद अब एमपी पुलिस की नारकोटिक्स विंग भी इस काले कारोबार की जांच में जुट गया है। पीएचक्यू से मिले निर्देश के बाद राज्य पुलिस की नारकोटिक्स विंग की इंदौर यूनिट ने भी अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। इंदौर से नारको विंग की टीम ने सोमवार को नर्सरी और आसपास के इलाकों की छानबीन की। केंद्र सरकार की एजेंसी कंट्रोल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) द्वारा छापेमारी में मादक पदार्थों के खुलासे के बाद भी अब तक कारोबार को संचालित करने वाला मुख्य आरोपी हाथ नहीं लगा है। प्रारंभिक छानबीन के बाद सुसनेर तहसील के मोड़ी गांव के रहने वाले कालूराम रातडया को इस गिरोह का कर्ताधर्ता बताया जा रहा है, जो पहले भी तस्करी के साथ कई आपराधिक मामलों में आरोपी रहा है। उसने ही पिछले साल ये जमीन इंदौर निवासी दो भाईयों को बेची थी। हालांकि जमीन बेचने के बाद भी कालूराम यहां अक्सर आता-जाता था।
राजस्थान के तस्करों से जुड़े आरोपियों के तार
आगर मालवा के जंगलों में चल रही इस हाई-टेक ड्रग्स फैक्ट्री का कनेक्शन इंदौर के साथ राजस्थान से भी मिला है। सीबीएन की टीम यहां से 31 किलो 250 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स जब्त कर साथ ले गई जबकि लगभग 600 किलो केमिकल और ड्रग्स बनाने वाली मशीनों को फिलहाल सील किया है। पड़ताल में उजागर हुआ है कि तीर्थ नर्सरी का संचालन कालूराम रातडया ही कर रहा था लेकिन उसने पिछले साल मार्च में जमीन का बड़ा हिस्सा इंदौर के रहने वाले अनिल कुमार और अभय कुमार पोखरना को बेचा था। सीबीएन उज्जैन के साथ नारको इंदौर की टीमें भी अब जांच कर रही हैं कि इन खरीदारों की एमडी तस्करी में कोई भूमिका है या नहीं। प्राथमिक जांच में ये भी पता चला है कि इस फॉर्म हाउस में एमडी बनाने का कारोबार लगभग 1 साल से चल रहा था और इसकी सप्लाई राजस्थान के तस्कर गिरोह के जरिए देश के अलग अलग इलाकों में की जा रही थी।
दिन में पौधों की बिक्री, रात में तस्करी
अभी तीन आरोपी ही सीबीएन की हिरासत में आए हैं, जिनमें से दो सगे भाई हैं। सीबीएन से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में इन्ही दोनों भाइयों को छापा मारने से पहले ही सीबीएन हिरासत में ले चुकी थी, जबकि एक को शनिवार को गिरफ्तार किया। सीबीएन की उज्जैन यूनिट को झालावाड़ में तस्करी के एक मामले की जांच के दौरान इस फैक्ट्री का सुराग मिला था। इसके बाद सीबीएन ने सीआरपीएफ की मदद लेकर इस फॉर्म हाउस पर दबिश दी थी। सीबीएन छापेमारी के दौरान जहां झालावाड़ निवासी सगे भाई धारासिंह सौंधिया और कालूराम सौंधिया को अपने साथ लेकर आई थी, वहीं दबिश के बाद फॉर्म हाउस की देखभाल करने वाले नलखंड़ा निवासी सिद्धनाथ बैरागी उर्फ सिद्धू को शनिवार को अरेस्ट किया था। इस फॉर्म हाउस की छानबीन के दौरान यह भी उजागर हुआ है कि दिन में अक्सर लोग यहां पौधों की खरीद करने वाहनों से आते थे, इसलिए आस-पास के लोगों को शक नहीं हुआ।
