एमपी की इंडस्ट्रियल ग्रोथ देश में सबसे ज्यादा

  • रोजगार के अवसर और उद्योगों के विकास पर जोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले दो साल में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए किए गए प्रयासों के सार्थक परिणाम सामने आए हैं। जिसके चलते मध्यप्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ देश में सर्वाधिक रही है। इंदौर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कई उल्लेखनीय निर्णय लिए गए। राज्य में कृषि के लिए सिंचाई का रकबा दोगुना करने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान और कई बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से प्रयास जारी हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में सुशासन पर आधारित व्यवस्थाएं संचालित हों, इसके लिए अच्छे कार्य में सदैव साथ हैं और अगर कहीं भी कुछ गलत होगा तो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में विगत दिनों उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश में नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर बालाघाट में कराया गया है। भविष्य में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य है। सीएम ने बताया कि राज्य सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर 13 और 14 दिसम्बर को भोपाल व इंदौर में विशेष आयोजन किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बाला साहब और प्रणव मुखर्जी को किया याद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की जयंती पर सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास और आर्थिक सुधारों के लिए प्रणब मुखर्जी का योगदान सदैव याद किया जाएगा। इसी तरह उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक बालासाहब देवरस की जयंती पर सादर नमन किया। डॉ. यादव ने कहा कि बालासाहब देवरस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विस्तार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, वहीं आपातकाल के काले अध्याय का डटकर मुकाबला किया।
मप्र में दी जाए विश्व स्तरीय शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा मध्यप्रदेश में ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों को विदेश जाकर अध्ययन करने की आवश्यकता कम पड़े और स्थानीय स्तर पर ही अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा गुणवत्ता का अकादमिक वातावरण मिल सके। सीएम ने एक उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अब निर्णायक कदम बढ़ा रही है। राच्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।
पिछले दो साल में ये रहीं उपलब्धियां
– किसानों के लिए भावान्तर योजना।
– विश्वविद्यालयों के कुलपति को कुलगुरु का सम्मानजनक नामकरण।
– पुलिस बैंड को प्रोमोट।
– खुले में मॉस के वितरण पर रोक।
– धार्मिक स्थल और अन्य स्थलों में निर्धारित मापदंड के अनुरूप ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग।
– परिवहन चेक पोस्ट बंद।
– दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि।
– समय पर उचित उपचार दिलाने राहगीर योजना। सहायता करने वाले को 25 हजार रुपये एवं सर्टिफिकेट।
– हर किसान के खेत में सौर ऊर्जा संयंत्र।
– विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के लिए अलग से बटालियन का गठन।
– मध्य प्रदेश परिसीमन आयोग का गठन।
– सभी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में अधिकतम 3900 रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि।
– कोदो, कुटकी खरीदी के लिए मूल्य निर्धारित।
– लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाई।
– सांदीपनि विद्यालय हुए विकसित।
– प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना।
– भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण।
– डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना
– गोकुल ग्राम और वृंदावन ग्राम योजना।
– जनवरी 2026 तक मध्य प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाना।

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