मैंगनीज, बॉक्साइट जैसे महंगे खनिजों से मालामाल होगा एमपी

  • मप्र में बंद खदानों को फिर से खोलने की हो रही तैयारी…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में सरकार बंद पड़ी खदानों को फिर खोलने की तैयारी कर रही है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि बंद पड़ी खदानों को शुरू कर उनमें से महंगे खनिजों को निकालकर कमाई की जा सके। इस कड़ी में फिलहाल 6 जिलों में बंद पड़े 7 खनिज ब्लॉक में फिर से खनन शुरू होगा। यानी अब मैंगनीज और बॉक्साइट जैसे महंगे खनिजों से मप्र मालामाल होगा। माइनिंग कॉरपोरेशन चिन्हित की गई सात बंद खदानों में बोरहोल और ड्रिलिंग कराकर खनिज के सैंपल एकत्रित करने के लिए एजेंसियों का चयन कर रहा है। कॉरपोरेशन के साथ पहले से काम कर रही कंपनियों में से ही इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। कंपनियां कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगी और बंद पड़े इन खनिज ब्लॉक्स में तय दूरी तक ड्रिलिंग कर खनिजों की मात्रा का आकलन करेंगी।
गौरतलब है कि मप्र में प्रचुर मात्रा में खनिज हैं। इनमें मैंगनीज, बाक्साइट जैसे महंगे खनिज भी शामिल हैं। कई जगहों पर दुर्लभ खनिज भी मिले हैं। प्रदेश में खनिजों का उत्पादन बढ़ाने के लिए अब बंद पड़ी खदानों में भी दोबारा खनन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे राजस्व बढऩे के साथ खनिजों की आवक भी बढ़ेगी। मप्र स्टेट माइनिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने फिलहाल 6 जिलों में बंद पड़ी सात खदानों में खनिजों की खोजबीन शुरू कराने की तैयारी की है। इनमें मुख्यत: बॉक्साइट, मैंगनीज और लाइमस्टोन की खदानें शामिल हैं। यहां पर पहले यह देखा जाएगा कि अभी कितना खनिज भंडार मौजूद है। इसके बाद इन खदानों की दोबारा नीलामी की जाएगी। अन्य बंद पड़ी खदानों को भी दोबारा खनन के लिए खोजा जा रहा है।
सैंपलिंग की हो रही तैयारी
मप्र स्टेट माइनिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन के अधिकारियों अनुसार, सैंपलिंग के लिए इन सातों ब्लॉक में 20 बोरहोल्स कर कुल 660 मीटर ड्रिलिंग की जाएगी। सभी ब्लॉक से 462 सैंपल एकत्रित कर संबंधित एजेंसी देगी। सैंपलिंग के बाद खनिजों की क्वालिटी और क्वांटिटी का आकलन प्रयोगशालाओं में कराया जाएगा। इसके बाद इन ब्लॉक्स को नीलामी में लाया जाएगा। सात के अलावा अन्य खनिज ब्लॉक भी चिन्हित करने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख रूप से ऐसे ब्लॉक चिन्हित कर रहे हैं जिनकी लीज लेप्स हो गई है या जहां काम बंद हो चुका है। जिन बंद खदानों में एक्सप्लोरेशन होना है उनमें  रीवा जिले की बॉक्साइट की गायत्री मिनरल्स जो 32 हेक्टेयर में फैली है। वहीं सतना जिले की बॉक्साइट की डीके जैन जो 10.6हेक्टेयर,  कटनी  जिले की केसी बगाडिया लाइमस्टोन 8 हेक्टेयर,  बालाघाट जिले की सीतापथोर मैंगनीज 20.2 हेक्टेयर , दमोह  जिले कीपीएस हजारी लाइमस्टोन 5.66 हेक्टेयर, नीमच जिले की सीसीआईएल-1 लाइमस्टोन 336 हेक्टेयर,नीमच जिले की ही सीसीआईएल-2 लाइमस्टोन 163 हेक्टेयर शामिल है।
उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मप्र स्टेट माइनिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन के अधिकारियों अनुसार, सरकार के इस कदम से उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। खनिज नीलामी में वर्ष 2025 में देशभर में नीलाम किए गए 141 खनिज ब्लॉकों में से 32 खनिज ब्लॉकों की नीलामी मध्यप्रदेश में हुई है, जो देश में सर्वाधिक है। खान एवं खनिज विकास (एमएमडीआर) संशोधन अधिनियम, 2025 और इससे जुड़े नियमों में किए गए बदलावों से खनिज अन्वेषण, नीलामी, निवेश और स्थानीय विकास को गति मिली है। चूना पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे प्रमुख खनिजों की नीलामी से सीमेंट, स्टील और संबद्ध उद्योगों को भी मजबूती मिली है। खनन नियमों के सरलीकरण, खनिज एक्सचेंज की व्यवस्था और नीलामी प्रक्रिया को तेज किए जाने से मध्यप्रदेश में खनिज क्षेत्र में निजी निवेश भी बढ़ रहा है। इससे राज्य के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो रहे हैं।

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