
- आईएएस अवार्ड के लिए दिल्ली में हुई डीपीसी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश शासन को भारतीय प्रशासनिक सेवा के 13 अधिकारी जल्द ही मिलेंगे। इसके लिए सोमवार को दिल्ली में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हुई, जिसमें 39 अधिकारियों के नामों पर विचार-विमर्श किया गया। गौरतलब है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2007 और 2008 बैच के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा के पद पर पदोन्नत देने के लिए 39 नामों की सूची लोकसेवा आयोग के पास भेजी थी। जानकारी के अनुसार सोमवार को नई दिल्ली में इसके लिए डीपीसी हुई, जिसमें अधिकारियों को पदोन्नति देने पर निर्णय ले लिया गया है। जिनके नामों की जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।
सूची में शामिल थे इन अधिकारियों के नाम
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जो सूची लोकसेवा आयोग को भेजी गई थी, उनमें जेडीए के उपसचिव जयेंद्र कुमार विजयवत, राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव मनोज मालवीय, परिवहन विभाग के उप सचिव कमल चंद्र नागर, शहडोल की एडीएम मिनिषा पांडेय, भोपाल जिला पंचायत की सीईओ ईला तिवारी, इंदौर संभाग की उपायुक्त सपना एम लोवंशी, बुरहानपुर एडीएम नीता राठौर, शाजापुर जिला पंचायत के सीईओ शैलेंद्र सिंह सोलंकी, लोकायुक्त में पदस्थ उपसचिव रानी पासी, आयुष विभाग की उपसचिव रंजना देवड़ा, महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ उपसचिव माधवी नागेंद्र, पर्यावरण विभाग की उपसचिव वर्षा सोलंकी, माध्यमिक शिक्षा मंडल की अतिरिक्त सचिव प्रियंका गोयल के नाम वरिष्ठता के आधार पर सबसे आगे है। हालांकि इनमें से 4 अधिकारियों के नामों पर अलग-अलग कारणों से विवाद है। जिससे, हरदा जिला पंचायत के सीईओ नरोत्तम प्रसाद भार्गव, मप्र लोक सेवा आयोग में अपर नियंत्रक निधि सिंह राजपूत, जेडीए की निमिषा जायसवाल एवं उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप कुमार सोनी को आईएएस पद पर पदोन्नत किया जा सकता है।
योग्यता के आधार पर पदोन्नति
जानकारी के अनुसार सभी 39 नामों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें से चयन के लिए सबसे पहले उनकी सीआर देखी गई, उसके उपरांत वरिष्ठता और उनकी परफार्मेंस का आकलन किया गया। इसके लिए चार श्रेणियां आउट स्टैंडिंग, वैरी गुड, गुड और अनफिट बनाई गई। सबसे पहले आउट स्टैंडिंग श्रेणी के अधिकारी को आईएएस अवॉर्ड दिया गया। इसके बाद दूसरे श्रेणी में रखे गए अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया।
