मंत्रियों के पत्रों और सवालों का समय से दिया जाए जवाब

मंत्रियों के पत्रों और सवालों

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि विभाग प्रमुखों को जिम्मेदारी है कि मंत्रियों, केंद्रीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठनों के पदाधिकारियों के पत्रों और सवालों का समय से जवाब दिया जाए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में चल रही अच्छी योजनाओं और कार्यक्रमों का अध्ययन करें और उन्हें मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास करें। भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद रखें और आवश्यक होने पर उनके संज्ञान में लाने वाले विषय भी सूचित करें। नए साल की कार्ययोजना पर सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्ष अफसरों के साथ बैठक की।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिशन मोड में कार्य योजना तैयार करे
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के आगामी तीन माह के निर्धारित लक्ष्यों को समय अवधि में पूरा करें। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिशन मोड में कार्य योजना तैयार करें। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश अग्रणी श्रेष्ठ पांच राज्यों की श्रेणी में शामिल हुआ है। उन्होंने पिछली सप्ताह हुई कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातों की जानकारी देते हुए मानव संसाधन का विकरिस्त भारत से सरोकार के नेशनल एजेंडा पर मध्यप्रदेश राज्य को भी कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट और आगामी परियोजनाओं के लिए समय अवधि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट समय अवधि में पूरे होने के लिए प्रोजेक्ट टाइम मैनेजमेंट प्लान पर अमल किया जाए।
इंदौर घटना की पुनरावृत्ति न हो
मुख्य सचिव जैन ने इंदौर में हुई घटना पर दुख व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग राहत और बचाव कार्य अभिलंब शुरू करें। वे एमपी ई-सेवा एप को और जनहितकारी बनाने के लिए समन्वय करें। बैठक में बताया गया कि जनवरी तक नागरिकों से जुड़ी 1200 और मार्च अंत तक 1800 सेवाएं इस एप के माध्यम से आमजनों को दिए जाने का प्लान है।
डीजीपी ने नवाल मुक्ति पर अफसरों को दिया धन्यवाद
बैठक में बताया गया कि 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में अतिरिक्त सिंचाई किए जाने की योजनाओं पर कार्य किया जाना है। राज्य स्तरीय विभागीय भवनों के अलावा जिले के शासकीय भवनों पर सोलर पैनल लगाने के कार्य को अभियान के रूप में लिया गया है। बैठक में डीजीपी मकवाणा ने मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

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