
- मोहन कैबिनेट में शामिल होंगे कुछ नए चेहरे
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर गुड़ी पड़वा और नव सवंत्सर का आरंभ होगा। संवत्सर का आरंभ गुरुवार यानी 19 नवंबर का होगा। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संगठन नेताओं के दिल्ली दौरे से मप्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। इसकी वजह से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि नव सवंत्सर में मप्र मंत्रिमंडल विस्तार की सौगात मिलेगी। मोहन कैबिनेट में कुछ नए चेहरे शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, सरकार चार से पांच नए मंत्रियों को मौका देने की तैयारी में है। इस संभावना को देखते हुए मंत्री पद के दावेदार विधायकों की सक्रियता बढ़ गई है।
गौरतलब है कि गत दिवस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में हुई अहम बैठकों के बाद अब कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मप्र में फिलहाल 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल है, और चार पद खाली हैं। नई नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को मजबूत करने की कोशिश होगी। लंबे समय से मंत्री पद के इंतजार में बैठे विधायकों को उम्मीद जगने लगी है। विधायकों की संख्या के मान से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कुनबे में तीन से चार सदस्यों को शामिल कर सकते हैं। यह विस्तार क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधन के लिए किया जा सकता है। हालांकि मौजूदा मंत्रियों की परफार्मेन्स रिपार्ट भी विस्तार के समय सामने रखी जा सकती है।
दिल्ली में मुलाकातों का सिलसिला
गौरतलब है कि हाल ही में सीएम की गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकातों ने विस्तार की अटकलों को बल दे दिया है। कुछ दिनों पूर्व ही सीएम ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ शाह समेत कुछ अन्य नेताओं से मुलाकात की थी। दोनों नेता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मिले थे। इसके ठीक बाद फिर सीएम ने शाह से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों के दौरान सत्ता और संगठन के कामों पर चर्चा हुई है। प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल भी शाह से मुलाकात कर चुके हैं। इस दौरान भी सीएम दिल्ली में थे। उनके अलावा प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय भी दिल्ली में थे। सीएम ने पटेल के साथ कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की थी। वहीं विजयवर्गीय के बारे में बताया जा रहा है कि वे निजी कार्यक्रम से दिल्ली गए थे।
मंत्रियों की रिपोर्ट तैयार
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम अपने के बाद 25 दिसम्बर को 2023 को मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। वर्तमान में प्रदेश कैबिनेट में दो उप मुख्यमंत्रियों को मिलाकर 20 कैबिनेट, 6 राज्यमंत्री स्वमंत्र प्रभार और 4 चार राज्य मंत्री है। प्रदेश में पहली बार चुनाव जीते विधायकों को राज्यमंत्री बनाया गया था। यह लंबे समय बाद हुआ है। दो साल से कुछ अधिक समय पहले हुए विस्तार में कुछ सीनियर विधायकों को मौका नहीं मिला था। अब चर्चा इस बात की है कि प्रदेश में गुजरात फार्मूला लागू करने पर भी विचार किया जा सकता है। इसमें सीनियर विधायकों को मौका मिल सकता है। चर्चा इस बात की भी है कि कुछ सीनियर मंत्रियों को केन्द्रीय संगठन में भी बड़ी जिम्मेवारी आने वाले दिनों में मिल सकती है। वहीं सत्ता और संगठन ने मंत्रियों के दो साल के कामकाज की भी रिपोर्ट तैयार करवाई है। परफार्मेन्स के आधार पर भी कुछ मंत्रियों को विश्राम दिया जा सकता है तो कुछ मंत्रियों के प्रभार के जिलों में भी बदलाव किया जा सकता
