- ग्वालियर-चंबल में आरक्षक भर्ती के परीक्षा सेंटर नहीं

गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। साल 2023 की कांस्टेबल परीक्षा घोटाले से सबक लेते हुए कर्मचारी चयन बोर्ड ने संभावित हेरा-फेरी की खुफिया चेतावनियों के मध्य ग्वालियर चंबल में किसी भी जिले में परीक्षा केंद्र से परहेज करते हुए अपनी 2025 की भर्ती रणनीति में बदलाव किया। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार बायोमेट्रिक्स, आइरिस स्कैन और चेहरे की पहचान सहित कड़ी जांच शुरू की गई। पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा अब ग्वालियर और चंबल के जिलों में आयोजित नहीं होगी। यह निर्णय इसलिए लेना पड़ा क्योंकि यहां पर आरक्षक भर्ती परीक्षा में भारी गड़बड़ी हमेशा ही सामने आती रही है। इस वर्ष भी पुलिस आरक्षक की भर्ती होना है। ऐसे में इन दोनों संभागों में परीक्षा सेंटर नहीं बनाए जाएंगे। हालांकि अभी परीक्षा के लिए अनुमानित तारीख अक्टूबर महीने की मानी गई है।
इस बार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के किसी भी जिले में परीक्षा केंद्र स्थापित नहीं किया गया, क्योंकि खुफिया जानकारी मिली थी कि परीक्षा पत्र लीक हो सकता है। यह निर्णय इस तथ्य से भी प्रभावित था कि 2023 में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आधार कार्ड में हेराफेरी करके परीक्षा में फर्जीवाड़े किए थे। सूत्रों की मानी जाए तो इस वर्ष भी कर्मचारी चयन मंडल को इस वर्ष साढ़े सात हजार पुलिस आरक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित कर सकता है। आशंका है कि इस बार भी ग्वालियर-चंबल अंचल में परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है। इस पर यह निर्णय लिया गया जाएगा कि इन दोनों संभागों के जिलों में परीक्षा सेंटर नहीं बनाया जाएगा। यहां से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को आस पास के बाद हुआ निर्णय गड़बड़ी की बनी रहती है। संभाग में परीक्षा का सेंटर आवंटित किया गया है।
तकनीक से होगी परीक्षार्थियों की निगरानी
पुलिस की परीक्षाएं करा रही ईएसबी ने इस बार केवल सेंटर ही नहीं बदले, बल्कि तकनीक का घेरा भी बढ़ा दिया है। अब परीक्षा के दौरान भी आधार की अपडेट हिस्ट्री देखी जा सकेगी ताकि संदिग्ध मामलों में पता चल सके कि फोटो या नाम में हाल ही में बदलाव तो नहीं किया गया। इसके अलावा बायोमेट्रिक के साथ पहली बार आइरिस स्कैन (आंखों की जांच) और अभ्यर्थियों का फेशियल रिकग्निशन भी अनिवार्य किया गया है। ग्वालियर और चंबल संभाग के आठ जिलों ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर समेत 8 जिलों के आवेदकों को आरक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान नजदीकी जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए थे। गौरतलब है कि ईएसबी आरक्षक भर्ती परीक्षा के जरिए आरक्षक के कुल 7500 पदों पर भर्ती करने जा रही है। इन परीक्षाओं के बाद अन्य एग्जाम में भी इन शहरों में एग्जामिनेशन सेंटर नहीं बनाए गए। 19 लाख आवेदन, परीक्षा देने सिर्फ 6.5 लाख आवेदक पहुंचे पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर लिखित परीक्षाओं का दौर खत्म हो चुका है। इन परीक्षाओं के लिए 10 लाख आवेदकों ने आवेदन जमा किए थे लेकिन परीक्षा देने के लिए केवल 6.50 लाख विद्यार्थी ही पहुंचे। गौरतलब है कि आरक्षक भर्ती परीक्षा 2023 के दौरान हुई लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल टेस्ट के दौरान 5 ऐसे युवक पकड़े गए थे, जिन्होंने लिखित परीक्षा में अपनी जगह किसी और को बैठाया था। इसके बाद जब व्यापक जांच की गई तो 30 से अधिक एफआईआर प्रदेश के अलग अलग जिलों में दर्ज हुई। इस घोटाले में लगभग पचास आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया। जांच में सामने आया था कि इस हेराफेरी के सूत्रधार आधार अपडेशन सेंटर के कुछ संचालक और बिचौलियों के गिरोह थे, जो तय रकम के बदले सॉल्वर उपलब्ध कराते थे। इस घटना के बाद ग्वालियर और चंचल अंचल में केंद्र न बनाने का फैसला लिया गया।
पीएचक्यू की रिपोर्ट के बाद हुआ निर्णय
इससे पहले व्यापमं द्वारा आयोजित पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षाओं में भी इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा गड़बड़ी सामने आई थी। परीक्षा में चयन करवाने के लिए यहां पर गिरोह की तरह यहां पर काम किया जा रहा था। नवंबर 2024 में, आधार आईडी में हेराफेरी करके कई उम्मीदवारों को किसी और से परीक्षा दिलाने का दोषी पाया गया। उस अनुभव के आधार पर, मार्च 2024 में अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद, राज्य पीएचक्यू ने पुलिस बल में शामिल होने के समय चयनित प्रत्येक उम्मीदवार की आधार आईडी अपडेट हिस्ट्री की जांच करना अनिवार्य कर दिया। सीबीआई और एसटीएफ सहित ग्वालियर पुलिस में इस तरह के कई प्रकरण दर्ज किए थे। इसके बाद भी हालात यहां पर नहीं सुधरे थे।
आरक्षक भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट 23 से
आरक्षक बनने के लिए 23 फरवरी से फिजिकल टेस्ट शुरू हो जाएंगे। कर्मचारी चयन मण्डल (ईएसबी) द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों की सूची ईएसबी ने जारी कर दी है। 7500 पदों के लिए अब उम्मीदवारों को मैदान पर भी अपना पसीना बहाना होगा। लिखित परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेजों का सत्यापन 23 फरवरी से 13 मार्च तक चलेगा। इस दौरान 2, 3 और 8 को अवकाश के कारण फिजिकल टेस्ट नहीं होगा। इस टेस्ट की प्रक्रिया हर दिन सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएगी। आरक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवारों को इंएसबी ने अपनी वेबसाइट पर सूचना पत्र जारी किए हैं। इसे हर आवेदक को डाउनलोड कर साथ ले जाना अनिवार्य है क्योंकि इसके बगैर उम्मीदवार को एंटी नहीं मिलेगी। इसके साथ ही इन सेंटर्स पर ही उम्मीदवारों के आधार कार्ड का ई-केवायसी होगा। ऐसे में सभी उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनका आधार लॉक न हो। इसके अलावा सभी सफल उम्मीदवारों की मूल प्रमाण-पत्र के साथ सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी का सेट लाने को कहा गया है। हर आवेदक को सूचना पत्र पर भी शारीरिक परीक्षा के लिए तारीख और स्थान अलॉट किया गया है, जिसमें बदलाव नहीं किया जाएगा।
अभी तक नहीं हुआ पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन
दरअसल पुलिस भर्ती के लिए बोर्ड का गठन होना है, लेकिन आने वाले कुछ महीनों में बोर्ड का गठन नहीं हुआ तो इस वर्ष की परीक्षा भी कर्मचारी चयन मंडल से करवाई जा सकती है। संभवत: यह आखिरी बार इस बोर्ड से भर्ती की प्रक्रिया होगी। इसके बाद प्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन हो सकता है। इस वर्ष होने वाली परीक्षा में कोई गड़बड़ी न हो, इसे लेकर पुलिस और चयन भर्ती बोर्ड दोनों ने ही खुफिया तंत्र को सक्रिय किया था। इसके बाद यह निर्णय हुआ कि परीक्षा ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में न करवाई जाएं। यहां पर वर्ष 2023 में हुई परीक्षाओं में भी भारी गड़बड़ी सामने आई थी।
