नितिन नवीन की टीम में कविता, गजेंद्र-लाल सिंह के नाम

एमपी में अगले 4 महीने ताबड़तोड़ नियुक्तियां; दिल्ली ने मांगे खाली पदों पर नेताओं के नाम
मध्य प्रदेश में अगले तीन-चार महीनों में सत्ता और संगठन में ताबड़तोड़ नियुक्तियां होंगी। जिला स्तर से लेकर प्रदेश कार्यसमिति, निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में नेताओं को एडजस्ट किया जाएगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तमाम नेताओं के साथ बैठकें और मंथन का दौर चल रहा है। भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास मध्य प्रदेश संगठन की ओर से करीब 15 प्राधिकरणों और निगमों के अध्यक्षों के नामों की प्रस्तावित सूची दिल्ली भेजी गई थी। केंद्रीय संगठन ने यह कहकर सूची वापस भेज दी कि जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक जितने भी पदों पर नियुक्तियां होनी हैं, सबके लिए नाम मंगाकर पूरी सूची तैयार करें। अब नितिन नवीन बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। ऐसे में उनकी टीम में एमपी के नेताओं को शामिल किया जाना है। कविता पाटीदार, गजेंद्र पटेल, लाल सिंह आर्य, कमल पटेल और अरविंद भदौरिया जैसे नेता शामिल किए जा सकते हैं।
पहली लिस्ट में इंदौर भोपाल जैसे प्राधिकरण
राजनीतिक नियुक्तियों की लिस्ट में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के प्राधिकरणों में नियुक्तियां होंगी। भोपाल विकास प्राधिकरण के लिए चेतन सिंह चौहान, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के लिए आशीष अग्रवाल, पचमढ़ी विकास प्राधिकरण में संतोष पारीख का नाम है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की करीबी आदिवासी वित्त विकास निगम की अध्यक्ष निर्मला बारेला की जगह किसी दूसरे ट्राइबल लीडर को कमान दी जा सकती है। इधर, दो हजार से कम अंतर से विधानसभा चुनाव हारे आदिवासी नेताओं को मंत्री का दर्जा मिल सकता है। इनमें कल सिंह भाबर, वेल सिंह भूरिया, नत्थन शाह कवरेती, भगत सिंह नेताम, प्रेम सिंह पटेल जैसे नेताओं को मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है।
नाम तय, खुफिया रिपोर्ट भी मंगाई
सूत्र बताते हैं कि जिन नेताओं को मंत्री का दर्जा दिया जाना है, उनके नामों की सूची बनाकर जिलों से उनकी खुफिया रिपोर्ट भी मंगा ली गई है। सूत्र बताते हैं कि संघ की विचारधारा वाले नेताओं के साथ ही मुख्यमंत्री की पसंद को प्राथमिकता दी जाएगी।
सिंधिया के करीबियों में भदौरिया, इमरती के नाम
निगम-मंडल की सूची में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए ग्वालियर-चंबल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद को महत्व दिया जाएगा। सिंधिया के करीबियों में पूर्व नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया, इमरती देवी, रघुराज कंसाना, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और मुन्नालाल गोयल के नामों पर चर्चा हो चुकी है। भदौरिया का 2023 में विधानसभा टिकट काट दिया गया था। वे किसी पद पर नहीं हैं, ऐसे में उन्हें मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है।
मोदी कैबिनेट में मंत्री बन सकते हैं वीडी शर्मा
मध्य प्रदेश में चल रही राजनीतिक एडजस्टमेंट की कवायद में खजुराहो सांसद वीडी शर्मा को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। एमपी से मोदी कैबिनेट में अभी ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान और डॉ. वीरेंद्र कुमार कैबिनेट मंत्री हैं, जबकि सावित्री ठाकुर और दुर्गादास उईके राज्य मंत्री।

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