भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े कारम डैम का काम फिर शुरू

कारम डैम
  • जुलाई तक होगा पूरा
  • अब पुरानी एजेंसी ही कर रही काम, 10,500 हेक्टेयर में सिंचाई का मिलेगा लाभ

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। धार गुजरी मार्ग पर ग्राम भारुडपुरा के पास कारम नदी पर डेम निर्माण में लंबे समय बाद प्रोग्रेस दिखाई देने लगी है। यहां युद्ध स्तर से कार्य जारी है। डैम की पाल को मजबूती प्रदान करने के लिए काली मिट्टी, पत्थर और मुरम (तीन लेयर) की दीवार खड़ी की जा रही है। नदी के बीचोंबीच मशीनों से गहरी खुदाई की जा रही है और लेवल बनाकर समतलीकरण किया जा रहा है। इसके बाद मिट्टी और पत्थरों की गहरी दीवार बनाई जाएगी। साइड पर अलग-अलग मशीन से वर्क हो रहा है। वर्ष 2022 में निर्माण के शुरुआती दिनों में तकनीकी खामियों के चलते डैम में लीकेज हो गया था। इसके बाद डैम की दीवार को तोडकर पानी निकाला गया। इसके बाद से अभी तक निर्माण अधूरा है। कांट्रेक्टर द्वारा पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए क्वालिटी आधारित कार्य किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग की निगरानी में पिछले साल एएनएस कंस्ट्रक्शन प्रालि दिल्ली ने दोबारा काम शुरू किया। अधिकारियों का दावा है कि गर्मी में जून-जुलाई तक डैम को पूरा कर लिया जाएगा।
बढ़ गया इंतजार
डैम के अधूरे निर्माण के कारण किसानों का नुकसान हुआ है। कई सालों से इस इंतजार में थे कि उन्हें सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। समय रहते डैम तैयार होता तो आज क्षेत्र की तस्वीर कुछ और होती। दो प्रमुख नहरों का निर्माण भी होना है।
52 गांवों को लाभ
डैम की नींव सिंचाई के लिए रखी गई थी। धार और खरगोन जिले के 52 गांवों के किसानों को पानी देने की योजना है। 10,500 हेक्टेयर का रकबा सिंचित होगा। फिलहाल किसान आशा भरी उम्मीद से देख रहे हैं कि डैम जल्द तैयार हो।
2018 में मिली थी प्रशासनिक स्वीकृति
गुजरी के पास कोठिदा में कारम डैम निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति 10 अगस्त 2018 को जारी हुई थी। 36 महीने में डैम बनाने के साथ ही उसे 2021 में, कंप्लीट होना था। 12 अगस्त 2022 को डैम में रिसाव हुआ। फूटने की आशंका से साइड में खुदाई कर पानी को निकाला गया।

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