स्विट्जरलैंड के दावोस में सीएम निवेशकों को बताएंगे प्रदेश की औद्योगिक खूबियां

  • 19 से 23 जनवरी तक प्रवास पर रहेंगे सीएम, एजेंडे को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विश्व आर्थिक मंच (वल्र्ड इकोननॉमिक फोरम) 2026 में बैठक में भाग लेंगे। स्विट्जरलैंड के दावोस में यह बैठक होनी है, जिसमें भाग लेने सीएम पांच दिवसीय प्रवास पर दावोस जाएंगे। इसके लिए अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि दावोस में वल्र्ड इकोननॉमिक फोरम 2026 की बैठक में भाग लेने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 से 23 जनवरी तक वहां के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान सीएम द्वारा निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेंगे और वैश्विक निवेशकों से भी उनकी मुलाकात होगी। इस विशेष यात्रा को लेकर अधिकारियों द्वारा मंत्रालय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। बताया गया है कि अपनी इस यात्रा को लेकर सीएम ने स्वयं अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक ली है और रणनीतिक मंथन किया। बैठक में इस बात को लेकर चर्चा की गई कि इकोननॉमिक फोरम के मंच पर मध्यप्रदेश के किन प्रमुख बिंदुओं और संभावनाओं को रेखांकित करना है। प्रदेश की औद्योनिक नीति, निवेश के लिए राज्य की अनुकूलता और उद्योगों को लेकर किए गए सुधारों को लेकर किस तरह से बात रखी जाए, इस पर अधिकारियों से सुझाव लिए गए। बताया गया है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि दावोस में सरकार की योजनाओं के स्थान पर राज्य की उद्योग और निवेश को लेकर वास्तविक हकीकत के बारे में जानकारी दी जाए। विशेषकर पर्यटन सेक्टर में मौजूद अवसरों के अलावा लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग के बारे में विस्तृत जानकारी से वहां के निवेशकों को अवगत कराया जाए। जानकारों की माने तो सीएम दावोस जाने से पहले इस संबंध में एक बार फिर से उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें दावोस के एजेंडों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 15 जनवरी को भोपाल में मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस 2026 में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्य प्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इससे एआई आधारित शासन, तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

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