बड़ा तालाब के कैचमेंट में बने… अवैध पक्के निर्माण जमींदोज

जमींदोज
  • बुलडोजर एक्शन शुरू: हटाए जा रहे एफटीएल से 50 मीटर के अंदर बने अतिक्रमण

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। जिला प्रशासन द्वारा बड़े तालाच की सीमा तय करने किए जा रहे सीमांकन कार्य के साथ ही शनिवार को बुलडोजर एक्शन की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। जिला प्रशासन के अमले ने नगर निगम के अतिक्रमण अमले की सहायता से कार्रवाई करते हुए हलालपुर बस स्टैंड के सामने स्थित गार्डन की अवैध बाउंड्रीवाल और इसके पीछे स्थित झुग्गियों को हटा दिया। नगर निगम के अतिक्रमण अधिकारी महेश गौहर के अनुसार गार्डन के पीछे तीन अन्य निर्माणों को भी जमींदोज किया है। जिला प्रशासन ने यहां पर कुल 7 अतिक्रमण तालाब की सीमा में चिह्नित किए थे, जिन्हें हटाने की कार्रवाई की गई है। अमले के अनुसार अन्य तौन अतिक्रमण भी जल्द ही हटा दिए जाएंगे। इसके अलावा कलियासोत डैम के कैचमेंट एरिया में बनी 12 डेयरियों को हटवाने की कार्रवाई की। इसके बाद खानूगांव क्षेत्र में चिह्नित अतिक्रमणों को भी हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। राजस्व अधिकारियों के मुताबिक 16 मार्च 2022 को वेटलैंड एक्ट लागू होने के बाद जो भी निर्माण तालाब के कैचमेंट में हुए हैं वे पूरी तरह अवैध हैं। इन्हें हटाया जाएगा। इसके अलावा पूर्व में हुए निर्माणों के दस्तावेज चेक करने के बाद यदि कोई अतिरिक्त निर्माण या अतिक्रमण हुआ होगा, तो उसे भी हटाया जाएगा। बता दें कि बुधवार से कर्बला से खानूगांव तक सीमांकन की कार्यवाही की गई थी। तीन दिन तक चली इस कार्यवाही में कर्बला से खानूगांव तक 38 और हलालपुर में 7 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें हटाए जाने की कार्रवाई की जानी है। बता दें कि इन निर्माणों को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार बिना नोटिस दिए ही तोड़ा जा रहा है। हलालपुर में कार्रवाई के दौरान मौएम्मद शकील और मोहम्मद अमीन के अवैय निर्माण के साथ अन्य लोगों के निर्माण भी तोड़े गए। जबकि एक दो दिन में तीन अन्य निर्माण जमींदोज कर दिए जाएंगे। बता दें कि इसके पहले प्रेमपुर घाट के पास शासकीय जमीन पर बनौ झुग्गियों को और सूरज नगर के पास अवैध शेड हटाए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से दुकानदारों को अपने आप ही सामान हटाकर अतिक्रमणों को हटाने के लिए कहा गया है।
कलियासोत डैम हो रहा था प्रदूषित
इधर तहसीलदार कुणाल राउत ने कलियासोत डैम के कैचमेंट एरिया में बनी 12 डेयरियों को हटवाने की कार्रवाई की। इन डेयरियों के कारण लंबे समय से कलियासोत डैम प्रदूषित हो रहा था। जबकि प्रशासन द्वारा कई बार डेयरी संचालकों को शिफ्टिंग के लिए आदेश जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण डेयरी संचालक जमे थे। शनिवार को कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक शिफ्टिंग के लिए समय की मांग करते रहे। इधर तहसीलदार राउत ने कहा कि एनजीटी का आदेश है और अधिकारियों के दबाव के चलते हमें कार्रवाई करनी ही पड़ेगी, जिसके बाद डेयरियों को हटा दिया गया। इसके बाद अतिक्रमण अमले ने डेयरियों को हटा दिया। इधर संचालकों को चेतावानी भी दी कि आगे इस क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। मौके पर मौजूद अतिक्रमण अमला कार्रवाई के बाद बांस बल्लियों को भी मौके से ले गया।
सीमांकन को लेकर खानूगांव के रहवासियों ने उठाए सवाल
जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सीमांकन और सर्वे के बाद खानूगांव के रहवासियों में भय का माहौल है। रहवासियों ने सीमांकन और सर्वे पर ही सवाल उठा दिए। साथ ही पार्षद रेहाना सुल्तान और कांग्रेस नेता मोहम्मद जहीर के साथ तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपकर फिर से सीमांकन कराने की मांग की। रहवासियों ने तहसीलदार से कहा कि पूर्व में जिला प्रशासन और नगर निगम के झील संरक्षण प्रकोष्ठ द्वारा बड़े तालाब का सीमांकन कराया गया था, जिसके बाद रिटेनिंग वॉल बनाई गई थी और इस रिटेनिंग वॉल को ही फुल टैंक लेवल बताया गया था। इसके तुरंत बाद हुए सीमांकन में रिटेनिंग वॉल को ही तालाब की सीमा बताई गई वी, लेकिन वर्तमान में जो सीमांकन कार्य निजी एजेंसी द्वारा किया जा रहा है वह अलग दिशा में जा रहा है। जिससे रहवासियों में भ्रम की स्थिति है और कई लोगों के वैद्य मकान भी अतिक्रमण की श्रेणी में आ गए हैं। अत: नगर निगम के झील संरयाण प्रकोष्ठ के नक्शे के अनुसार फिर से सीमांकन कार्य कराया जाए। इस दौरान कांग्रेस नेता मोहम्मद जहीर ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से फोन पर बातकर स्थिति से अवगत कराया।

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