एमपी के स्कूलों में शिक्षकों का भारी संकट

शिक्षकों का भारी संकट
  • सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 3000 पद खाली

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। राज्य के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 3000 पद खाली है। जून 2025 की स्थिति के अनुसार 2,022 से अधिक पद खाली पड़े थे। जून 25 से मार्च 15 तक की स्थिति में प्रदेश में करीबन 1000 उच्चतर माध्यमिक शिक्षक सेवानिवृत हो गए हैं। इस तरह साल दर साल रिक्त पदों की संख्या बढ़ती जा रही है। रिक्त पदों में 35 फीसदी विज्ञान, अग्रेजी और गणित विषयों के शिक्षक शामिल है। खास बात ये है कि अधिकतर खाली पद ग्रामीण क्षेत्रों के शालाओं के हैं। जानकारी के अनुसार राज्य के सरकारी प्राइमरी, मीडिल और उच्चतर शालाओं में कुल लगभग 69,000 से लेकर एक लाख से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसमें सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षकों की कमी है। इसकी वजह से सरकारी स्कूलों में प्रयोगात्मक कक्षाओं के संचालन में बाधा खड़ी हो जाती है। डीपीआई के अधिकारियों मुताबिक इन रिक्त पदों को पदोन्नति प्रक्रिया से तभी भरा जा सकेगा, जब पदोन्नति मामले में उच्च न्यायालय में फैसला नहीं आएगा। इसके बाद भी विभाग नीति तैयार कर शिक्षकों की कांउसिलिंग करके इन रिक्त पदों पर भर्ती करने की तैयारी करेगी। फिलहाल तब तक के लिए डीपीआई ने आदेश जारी कर उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में वर्तमान में नियुक्त अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया है। नियमानुसार इनका कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो रहा था। मध्यप्रदेश सरकार नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करेगी, ताकि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो। उनको गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। इस संबंध में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए है।
स्थाई भर्ती करनी चाहिए
मप्र शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष छत्रवीर सिंह ने कहा कि सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर कांउसिलिंग के जरिए स्थायी भर्ती करनी जल्द करनी चाहिए, ताकि बच्चों का भविष्य संवर सकें। इसके लिए हाइकोर्ट का निर्णय आते तक पदोन्नति का इतंजार कर रहे वर्तमान शिक्षकों को सरकार उच्च पदभार देकर रिक्त पदों की पूर्ति करें। वहीं वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के भविष्य की भी रक्षा करें। साथ ही प्रदेश के 3000 स्कूलों में रिक्त स्थायी प्राचार्य पदों पर नियुक्ति की जाएं। वर्तमान में इन स्कूलों में प्रभारी प्राचार्य कार्यरत है।
एक मई से 15 जून तक स्कूलों में छात्र-छात्राओं को अवकाश
भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। विद्यार्थियों को एक मई से 15 जून तक और शिक्षकों को केवल एक से 31 मई तक अवकाश मिलेगा। विभाग के उपसचिव प्रमोद सिंह ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए अवकाश कैलेंडर का आदेश जारी कर दिया। सिंह के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र का आगाज एक अप्रैल से प्रवेशोत्सव के साथ होगा। एक से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी स्कूल कक्षा 1 से 12 तक खुलेंगे। एक से 31 मई तक बच्चों के लिए अवकाश रहेगा। वही 1 जून को शिक्षक, अपने स्कूल में उपस्थित होंगे और नवीन सत्र के लिए काम करेंगे। इसके अलावा नए सत्र में 19 से 21 अक्टूबर तक दशहरा दशहरा अवकाश, 6 नवंबर से 10 नवंबर तक दीवाली और 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। उपरोक्त तीनों अवकाश विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए समान रूप से लागू रहेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय में बुधवार को स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बड़ा बदलाव कर दिया। वर्तमान में संचालक रहे डीएस कुशवाहा को हटाकर संचालक राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान बना दिया और इस पद पर विराजमान प्रमोद कुमार सिंह को संचालक नियुक्त किया है।

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