कैदियों का भागना नामुमकिन बढ़ाई जाएगी हाई-वोल्टेज सुरक्षा

  • सभी जेलों में लगेगी इलेक्ट्रिक फेंसिंग, टेंडर जारी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश की सभी जेलों में अब हाई-वोल्टेज सुरक्षा होगी। सरकार ने अब प्रदेश की सभी सर्किल जेल, जिला जेल और उप जेलों को भी इलेक्ट्रिक फेंसिंग से लैस करने का फैसला किया है, जिससे यहां बंद कैदियों का भागना पूरी तरह बंद हो जाएगा। इससे पहले प्रदेश की केवल सेंट्रल जेलों को ही इलेक्ट्रिक फेसिंग की सुविधा से लैस किया गया था। इस नई योजना के तहत जेल की दीवारों पर सोलर पावर्ड इलेक्ट्रिक फेंसिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जो न केवल इंट्रूजन अलार्म बजाएगा बल्कि जेल से निकलने की कोशिश करने वाले को इलेक्ट्रिक शॉक देकर इस तरह की कोशिश को रोक देगा। खास बात यह है कि सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। एमपी में कुल 11 सेंट्रल जेलों के अलावा 2 सर्किल जेल, 39 जिला जेल और 73 उप जेल हैं।
भोपाल और इंदौर में भाग चुके हैं कैदी
भोपाल में सिमी के आतंकियों ने जेल ब्रेक कांड को अंजाम दिया था। 2016 में दिवाली के दिन हुई इस घटना में एक जेल कर्मी की हत्या कर सिमी के आठ आतंकी फरार हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उन सभी का एनकाउंटर कर दिया था। इसी तरह 2021 में जिला जेल भोपाल से बी एक कैदी भाग निकला था। इसके अलावा 2024 में इंदौर सेंट्रल जेल से भी एक हाई प्रोफाइल अपराधी फरार हो गया था, इसके बाद से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे। हालांकि, सरकार ने इन घटनाओं के बाद प्रदेश की 11 सेंट्रल जेलों में इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाई थी, लेकिन प्रदेश की सर्किल जेल, जिला जेल और उप जेलों में इस तरह के इंतजाम नहीं थे। अब सरकार और जेल विभाग ने सभी कारागारों में सुरक्षा चाक-चौबंद करने का फैसला लिया है। टेंडर दस्तावेजों के मुताबिक, यह सिस्टम आईईसी-सर्टिफाइड होगा, जो मौसम-प्रूफ और कम मेंटेनेंस वाला है।
इन जिलों में लगेगा नया सिस्टम: सर्किल जेल – रतलाम एवं शिवपुरी जिला जेल भोपाल, राजगढ़, शहडोल, सीधी, मंदसौर, गुना, सीहोर, रायसेन, विदिशा, सीधी, उमरिया, अनूपपुर, बेढऩ (सिंगरौली), झाबुआ, नीमच, अशोकनगर, श्योपुर, इंदौर, धार, खंडवा, मुरैना, भिंड, दतिया, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, बैतूल, हरदा, आलीराजपुर, खरगौन, डिंडोरी, मंडला और कटनी।
उप जेल (जिला सब जेल): गंजबासौदा, नरसिंहगढ़, सारंगपुर, लटेरी, सरदारपुर, देपालपुर, सांवेर, महू, बड़वाह, बुढ़हार, ब्यौहारी, मऊगंज, त्यौंथर, बैहर, वारासिवनी, लखनादौन, अमरवाड़ा, तराना, बागली, सुसनेर, महिदपुर, सोनकच्छ, शुजालपुर, कन्नौद, बडऩगर, सेवड़ा, जौरा, अम्बाह, सबलगढ़, डबरा, गोहद, मेहगांव, विजयपुर, लहार, गरोठ, जावरा, खाचरौद, सैलाना, जावद, बदनावर, नागौद, मैहर, लवकुशनगर, पवई, नौगांव, विजावर, सिहोरा, पाटन, बेगमगंज, जतारा, निवाड़ी, हटा, खुरई, रहली, बंडा, मुलताई, पिपरिया, नसरुल्लागंज, सिवनी-मालवा, गौहरगंज, बरेली, मंडलेश्वर, सेंधवा, कसरावद, धरमपुरी, महेश्वर, मनावर, जोबट, करैरा, कोलारस, पिछोर, पोहरी एवं चाचौंड़ा।
इस तरह काम करता है फेंसिंग सिस्टम
इस फेसिंग सिस्टम में हाई वोल्टेज तार होते हैं जो सोलर एनर्जी से चलते हैं। किसी के छूने या काटने की स्थिति में तत्काल अलार्म बजता है और झटका भी लगता है। सरकार इस नए आधुनिक सिस्टम को इसलिए भी अपना रही है क्योंकि सोलर पावर से बिजली की बचत होगी। एक जेल अधिकारी के अनुसार, पहले दीवारें चढक़र भागना आसान था, लेकिन अब ऐसा करने वाले को बिजली का ऐसा झटका लगेगा कि कैदी दोबारा इसके बारे में सोचेगा तक नहीं। इसके साथ ही जिन जिला और सब जेलों में सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम मौजूद नहीं हैं, वहां कैमरे भी इंस्टॉल कराए जाएंगे।

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