किसानों से उत्पादन का 25 फीसदी चना खरीदेगी सरकार

  • 9 अप्रैल से प्रदेश में गेहूं खरीदी शुरू होगी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र सरकार किसानों से 100 फीसदी मसूर खरीदेगी। यह निर्णय सरकार ने कैबिनेट बैठक में लिया है।  कैबिनेट ने चना और मसूर की खरीदी को भी मंजूरी दी है। चने का भाव 5000 रुपए और मसूर का 5800 रुपए क्विंटल है। सरकार चने के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीदी करेगी और मसूर का 100 फीसदी खरीदी करने का फैसला किया गया है। इसके लिए 3174 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। प्रदेश में गेहूं खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी और पहले छोटे किसानों को खरीदी के लिए बुलाया जाएगा। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि बैठक में मंदसौर जिले में गांधी सागर बांध से जुड़ी कातन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में 3500 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा और 120 गांवों के 1358 परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। योजना पर 88.41 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार ने फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफटीआरआई) खोलने को मंजूरी दे दी है। यह इंस्टीट्यूट प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन पर रिसर्च और बजट आकलन समेत अन्य वित्तीय व्यवस्थाओं के लिए काम करेगा। इसका संचालन शुरुआत में प्रशासन अकादमी से किया जाएगा। इसके अलावा एससी वर्ग के छात्रों के लिए दस हजार रुपए प्रतिमाह स्कॉलरशिप भी मंजूर की गई है। वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं को निरंतर जारी रखने को मंजूरी गई है। 2952 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसी तरह वन विभाग की वन क्षेत्र योजनाओं के लिए 5215 करोड़ और स्कूल शिक्षा विभाग की अलग -अलग योजनाओं को निरंतर चालू रखने के लिए 4672 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।
मंदसौर की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़
मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। मंत्रि परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी, भोपाल के परिसर में की जाएगी।
उज्जैन में एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ रुपए मंजूर
उज्जैन में सिंहस्थ को देखते हुए एयरपोर्ट विकसित करने राज्य सरकार ने 590 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। यह राशि एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण पर खर्च की जाएगी। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत यह एयरपोर्ट बनेगा और इसका काम केंद्र सरकार पूरा कराएगी। इसके बनने से सिंहस्थ के दौरान लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। योजनाओं को चालू रखने का फैसला वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं को निरंतर जारी रखने को मंजूरी गई है। 2952 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसी तरह वन विभाग की वन क्षेत्र योजनाओं के लिए 5215 करोड़ और स्कूल शिक्षा विभाग की अलग -अलग योजनाओं को निरंतर चालू रखने के लिए 4672 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।
राजस्व व्यय संबंधी 8 योजनाओं के लिए 2951.86 करोड़
वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत राजस्व व्यय संबंधी संचालित 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक निरन्तरता और 2951.86 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है। इसमें मप्र नगरीय अधोसंरचना विकास निधि का वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरन्तरता और 1317.62 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन एवं कार्यालय भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 120.98 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। स्टाम्पों की लागत के लिए व्यय राशि रुपये 806 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना व्यय एवं जिला कार्यपालिका स्थापना के लिए 1428 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया। मंत्री परिषद द्वारा केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कार्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार वन क्षेत्रो में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण कार्यवृत्तों में उपचार कार्य के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक कुल 5 वर्षों के लिए 5215 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष उपचार कार्यों के साथ-साथ विगत वर्षों में कराए गए कार्यों का रखरखाव भी सम्मिलित है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

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