
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले विधायकों ने साढ़े तीन हजार से अधिक सवाल लगाए हैं। इन सवालों के लिखित जवाब बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार के मंत्री देंगे। विधानसभा सचिवालय के अनुसार अब तक कुल 3478 सवाल मिले हैं। इनमें 2253 प्रश्न ऑनलाइन और 1225 प्रश्न ऑफलाइन पूछे गए हैं। सभी प्रश्न अलग-अलग विभागों से संबंधित हैं, जिनके उत्तर निर्धारित तिथियों पर सदन में दिए जाएंगे। 11 फरवरी तक की स्थिति में 8 स्थगन प्रस्ताव, 132 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, शून्यकाल में सूचना पढऩे के 45 प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा 14 याचिकाएं और नियम 139 के अंतर्गत चर्चा के 2 प्रस्ताव भी विधानसभा सचिवालय को मिले हैं। नियम 139 के तहत प्राप्त प्रस्तावों पर सदन की कार्यवाही के दौरान विधानसभा अध्यक्ष समय निर्धारित करेंगे। विधानसभा के बजट सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एक-दो दिन में सचिवालय का निरीक्षण करेंगे। वे सदन के भीतर विधायकों और मंत्रियों की बैठक व्यवस्था, संचार प्रणाली तथा दर्शक दीर्घा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
मप्र में टोल में नाम पर खुली लूट
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में टोल वसूली व्यवस्था को लेकर कहा है कि मप्र में टोल अब मात्र उपयोगकर्ता शुल्क नहीं रहा, बल्कि जनता से संगठित लूट और निजी कंपनियों को संरक्षित मुनाफा देने का साधन बन चुका है। पटवारी ने कहा कि प्रदेश में कई टोल परियोजनाएँ ऐसी हैं जहाँ परियोजना की मूल लागत और निर्धारित लाभांश वर्षों पहले ही वसूल हो चुका है, फिर भी टोल वसूली जारी है। इसके अलावा, बिना पारदर्शी रिटेंडरिंग या ओपन बिडिंग प्रक्रिया के कई टोल नाकों को सीधे आउटसोर्स कर दिया गया है, जिसमें सरकार को मात्र 30 फीसदी राजस्व हिस्सा मिलता है और शेष 70 फीसदी निजी संचालकों को चला जाता है।
मंत्रियों को बर्खास्त करें मुख्यमंत्री
देश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर तीन मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की है। पटवारी ने कहा है कि विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण से पहले तीन मंत्री विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय और राजेन्द्र शुक्ल को बर्खास्त करें। पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि मप्र सरकार के कार्यकलाप जनभावनाओं के विपरीत प्रतीत हो रहे हैं, जिससे अराजकता, अहंकार और अधिनायकवादी प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल रहा है। यह शर्मनाक है कि सेना के अपमान, मासूमों की मौत और प्रशासनिक विफलताओं के बावजूद मंत्री आज भी पद पर बने हुए हैं। इससे सरकार की नैतिकता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। पटवारी ने कहा कि भारतीय सेना की कर्नल के अपमान के मामले में मंत्री विजय शाह, छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप से दर्जनों मासूम बच्चों की मृत्यु पर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और इंदौर में दूषित पेयजल से मौतों के मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बर्खास्त किया जाए।
