
- भोपाल-उज्जैन, जबलपुर-सागर समेत 22 जिलों में गिरेगा पानी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में भारी बारिश के चलते भिंड, मुरैना, दतिया में बाढ़ के हालात हैं। ग्वालियर में तो सोमवार को स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। मौसम विभाग ने भोपाल-उज्जैन, जबलपुर -सागर समेत कुल 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश होने का अनुमान है। इंदौर, भोपाल समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। श्योपुर में गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल भिजवाया गया। वहीं, सतना में निचली बस्तियों में पानी भर गया। तेज बारिश होने से नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के गेट 5 फीट तक खोले गए।
एमपी में अब तक 35.1 इंच बारिश
प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के 8 जिलों में से 7 में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं। दतिया में भी 96 प्रतिशत से अधिक बारिश हो चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो गुना नंबर 1 पर है। यहां 53.2 इंच, मंडला में 52.5 इंच, अशोकनगर में 50.3 इंच, रायसेन में 49.2 इंच और श्योपुर में 49.2 इंच बारिश हुई है। वहीं, इंदौर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन और शाजापुर में आंकड़ा 20 इंच तक भी नहीं पहुंचा है।
भोपाल में अगस्त 2006 में 35 इंच बारिश हुई थी
भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
शिवपुरी में नाले में बहे युवक की मौत
शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र में बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। इसी दौरान सेसई गांव का 47 वर्षीय चरवाहा कुमेर पाल लापता हो गया था। वह शुक्रवार सुबह भैंसें चराने गया था, लेकिन घर नहीं लौटा। रविवार सुबह उसका शव टोरिया नाले के किनारे मिला। इस बार बारिश के मामले में गुना अव्वल है। यहां औसत 52 इंच पानी गिर चुका है। मंडला-अशोकनगर में 50 इंच से ज्यादा बारिश हुई है। वहीं, टीकमगढ़ में 47.3 इंच और निवाड़ी में 46.7 इंच बारिश हो चुकी है। प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 34.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 27.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है यानी अब तक 92 प्रतिशत पानी गिर चुका है।
उमरिया में सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश
प्रदेश में रविवार को 30 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश उमरिया में हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़,विदिशा, देवास, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर, हरदा, मंडला, मुरैना, श्योपुर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, बालाघाट समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश जारी रही।
सिस्टम की एक्टिविटी से बारिश
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि रविवार को मानसून टर्फ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का दौर बना रहा। इसी प्रकार अगले 4 दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।