– जिला प्रशासन सर्च कर रहा है सारी प्रॉपर्टी की जानकारी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
शाहवर मछली और यासीन के परिवार की और कृषि जमीनों की भी तलाश जिला प्रशासन कर रहा है। राजधानी भोपाल के मछली परिवार के कब्जे से छुड़ाई गई करीब 65 एकड़ जमीन का अब क्या उपयोग होगा? इसे लेकर जिला प्रशासन प्लान बना रहा है। वहीं, कृषि भूमि पर भी कब्जे की आशंका है। राजस्व निरीक्षक और पटवारियों से इसकी जांच करवाई जा रही है। जिला प्रशासन ने 23 दिन के अंदर करीब सवा सौ करोड़ रुपए की कुल 7 प्रॉपर्टी को 23 दिन के अंदर जमींदोज किया था। पहली कार्रवाई 30 जुलाई और दूसरी कार्रवाई 21 अगस्त को की गई थी। सभी प्रॉपर्टी और कब्जे हथाईखेड़ा डैम के पास ही थे। इनमें करीब 35 साल पुरानी तीन मंजिला आलीशान कोठी भी शामिल हैं, जो 15 हजार स्क्वायर फीट में बनी थी। यही पर गैराज, पार्क, पोर्च भी बना रखें थे। पिछले महीने जुलाई में भोपाल पुलिस ने कॉलेज छात्राओं से जुड़े रेप-ब्लैकमेलिंग केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही लगातार कार्रवाई की जा रही है।
घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए थे शाहवर और यासीन
शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी। यासीन के मोबाइल में ऐसे वीडियो भी मिले थे, जिनमें वह युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटता दिख रहा था। मोबाइल में युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे। सडक़ के सस्ते नशे का सामान लाया जाता था। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी।
कोठी के बगल का मदरसा ध्वस्त हो: प्रियंक कानूनगो
ड्रग तस्करी और दुष्कर्म के मामले में आरोपी शाहवर मछली और यासीन के परिवार की अवैध कोठी ढहाए जाने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इसी कोठी के बगल में सरकारी जमीन पर संचालित अवैध मदरसे को भी ढहाने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है। कानूनगो ने मुख्यमंत्री से कहा है कि ग्रीन बेल्ट की जमीन पर बने इस मदरसे में दूसरे राज्यों से बच्चे लाकर कट्टरवाद की तालीम दी जा रही है। उधर कॉलेज की लड़कियों को ड्रग्स देकर रेप करने व अश्लील वीडियो बनाने के मामले में आयोग की टीम ने एक बार फिर भोपाल में जांच की है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने ड्रग तस्करी व रेप के आरोपी मछली व उसके भतीजे के परिवार की कोठी ढहाए जाने के बाद एक्स पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को ट्वीट कर लिखा है कि पीड़ित हिंदू बेटियों ने आपको सहस्र आशीर्वाद दिए हैं। महाकाल महाराज आपको और अधिक शक्ति प्रदान करें। जो कोढ़ी गिराई गई है, उसके बगल में ग्रीन बेल्ट की सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा भी बना हुआ है जिसमे दूसरे राज्यों से बच्चे ला कर कट्टरवाद की तालीम दी जाती है, उसका ध्वस्त होना भी बेहद जरूरी है। उधर प्रशासन ने मछली परिवार की दूसरी जमीनों के रिकार्ड जांचने का काम भी शुरू कर दिया है। एक अन्य ट्वीट में कानूनगो ने 19 अगस्त को यह भी लिखा है कि भोपाल में कॉलेज जाने वाली हिंदू लड़कियों को लक्षित कर ग्रूम करके ड्रग्स दे कर बलात्कार कर अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल कर इस्लाम में धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोप वाले सांप्रदायिक लैंगिक अपराध के प्रकरण में आयोग की अनुशंसाओं पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए दोबारा जांच के लिए आयोग की टीम भोपाल पहुंची। यदि कोई पीडि़त अथवा साक्षी अपने बयान अथवा शिकायत देना चाहें तो निर्भय हो कर संपर्क कर सकते हैं।
और कब्जे हो सकते हैं
अधिकारियों के अनुसार कुछ और जमीन पर कब्जे की जानकारी सामने आई है, लेकिन कब्जा मछली परिवार का ही है, ये अभी साफ नहीं हुआ है। इनमें कृषि भूमि भी शामिल हैं। ऐसे में पूरी पड़ताल के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि दो बड़ी कार्रवाई में अधिकांश कब्जा हटा चुके हैं। आगे भी जांच जारी है। इसमें कब्जा सामने आया तो कार्रवाई की जाएगी।
अब तक हो चुकी ये कार्रवाई
30 जुलाई को पहली कार्रवाई की गई थी। इस दौरान 6 अवैध निर्माण तोड़े गए थे, जो डैम किनारे पर ही बने थे। इनकी और सरकारी जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपए आंकी गई थी। दूसरी कार्रवाई 21 अगस्त को की गई। हथाईखेड़ा डैम से कुछ दूर ही आलीशान 3 मंजिला कोठी को जमींदोज किया गया। 15 हजार स्क्वायर फीट एरिया में बनी बिल्डिंग और जमीन की कीमत करीब 25 करोड़ रुपए आंकी गई है। बिल्डिंग का निर्माण साल 1990 में होना सामने आया है।