
- अगले महीने कैबिनेट में यह मामला लाने की तैयारी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में लाखों शासकीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आ सकती है। जिस कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू कराने के लिए यह संघर्ष कर रहे है उसको मौजूदा माह के अंत या फिर फरवरी तक कैबिनेट में लाया जाएगा। आयुष्मान निरामय समिति एवं शासन में वित्त एवं जीएडी डिपार्टमेंट के समन्वय से इसके ड्राफ्ट की तैयारी अंतिम दौर में है। महत्वपूर्ण यह भी है कि शासकीय तंत्र की सेहत से जुड़े इस प्लान में सरकार देश के चुनिंदा अस्पतालों को कनेक्ट करने जा रही है, ताकि उन्हें गुणवत्तायुक्त समुचित उपचार मिल सके। यह योजना लागू होते ही सरकारी सेवक और उनके परिवार आसानी से प्रदेश ही नहीं हिंदुस्तान के किसी भी अस्पताल में अपना उपचार करा सकते है। प्रदेश में कोरोना की दूसरी महामारी जब अपना कहर बरपा रही थी तब कर्मचारियों ने उस समय के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष यह समस्या रखी थी। उन्हें बताया गया था कि बीमार शासकीय सेवक प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाते हैं। तब उन्हें कितनी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उस वक्त उन्होंने यह महत्वाकांक्षी व्यवस्था लाने पर अपनी सहमति व्यक्त की थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव हुए और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव बने, तब प्रारंभिक दौर से ही कर्मचारियों के संगठन यह योजना लागू करने की मांग करते हैं। जब निरंतर डिमांड आई तो उन्होंने मई 2025 के दौरान कर्मचारियों के एक कार्यक्रम में ही घोषणा की थी कि राज्य में शीघ्र ही कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू किया जाएगा।
देश के चुनिंदा अस्पताल जुड़ेंगे
राज्य में लागू होने जा रही कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना में देश के चुनिदा अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। मुम्बई, दिल्ली, हैदराबाद, अहमदाबाद नागपुर एवं भारत के अन्य प्रमुख शहरों में जो ख्याति प्राप्त अस्पताल है, जहा जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज किया जाता है, ऐसे हॉस्पिटल की कनेक्टिविटी इस योजना से की जा रही है, ताकि गंभीर रोगों के मरीजों का आसानी से इलाज हो सके।
कर्मचारियों के सुझावों पर अमल
इस योजना को प्रदेश में लागू करने से पूर्व सरकार ने सभी कर्मचारी संघों के सुझाव लिए हैं। इसके लिए मंत्रालय में पिछले सप्ताह संघों की बैठक बुलाई गई थी। सरकार द्वारा बीमा योजना में संवर्गवार जो स्लैब तय किए हैं। उनका अध्ययन कर संघों ने अपने सुझाव रखे थे। अब उनका परीक्षण किया जा रहा है। इसमें जो सजेशन उपयुक्त होगा, उसे योजना में शामिल किया जाएगा।
अनलिमिटेड होगी बीमा योजना
अफसरी के अनुसार इस योजना में उपचार की लिमिट 20 लाख स्खेगी, लेकिन कोई क्रिटिकल बीमारी शासकीय सेवक में आती है, उसका लिवर या अन्य अंग के ट्रास्प्लांट की नौबत बनती है। एक से दूसरे अस्पताल में रोगी को अंग प्रत्यारोपण के लिए ले जाया जाता है। यहां लिमिट से ज्यादा सार्च होता है तो वह व्यय भी सरकार उठाएगी। सरकार द्वारा जो ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, उसमें इस बिंदु की शामिल किया गया है।
पांच स्लैग, पेंशनरों के लिए ऐच्छिक
इस योजना में बीमा के लिए ढाई सौ से लेकर एक हजार रुपये तक के पांच स्लैब तैयार किए गए है। इसमें चतुर्थ श्रेणी से लेकर प्रथम श्रेणी तक के अधिकारी कर्मचारी का निर्धारित राशि कटौत्रा वेतन से किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए इस योजना में ऐच्छिक व्यवस्था है, जो सेवानृित्त सेवक इच्छुक है, वह बीमा करवा सकते है। हमारे सुझाव और मांग के आधार पर योजना का आयुष्मान निरामय समिति और शासन ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। हमें पल-पल की अपडेट भी दी जा रही है। इसमे उपचार की सीमा अनलिमिटेड रखी जा रही है। यह अच्छी बात है। अब प्रदेश में कोरोना महारी का प्रकोप था तब हमने सबसे पहले इस मांग को उताया था। यह बड़ी राहत भरी बात है कि सेवकों के लिए जल्द अब प्रदेश में महत्वाकांक्षी कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू हो रही है।
