
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भोपाल यूनिट ने बालाघाट जिले के बहुचर्चित डबल मनी घोटाले के मास्टरमाइंड अजय और उसके सहयोगियों के खिलाफ जबलपुर की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अदालत ने आरोपियों को इस चार्जशीट पर सुनवाई के लिए नोटिस भी जारी कर दिए हैं। ईडी की जांच में खुलासा हुआ था कि इस स्कैम के गिरोह से जुड़े आरोपियों ने लोगों को 6 महीने के पैसा दोगुना करने का झांसा देकर लगभग 1450 करोड़ रुपए बटोरे थे। यह गिरोह फर्जी गारंटी के तौर पर लोगों को भरोसे में लेने के लिए उन्हें पोस्ट-डेटेड चेक देता था, जो बाद में बाउंस हो जाते थे। जांच में पाया गया कि यह गिरोह लोगों के पैसे के निवेश नहीं करता था लेकिन उन्हें धोखा देने के लिए इस रकम को अलग अलग सेक्टर में इन्वेस्ट करने का झांसा देता था। जांच एजेंसी ने छानबीन के दौरान तिडक़े और उसके परिवार की 4.48 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की हैं, जबकि छापे के दौरान मिली 11.89 करोड़ की नकद राशि भी ईडी के पास जब्त है। इसके अलावा ईडी इस मामले में बैंक खातों में जमा 12.91 करोड़ की राशि को भी फीज कर चुकी है। ईडी ने अब चार्जशीट में इन सभी संपत्तियों के अलावा इस गिरोह की 54 अन्य प्रॉपर्टी को भी केंद्र सरकार के पक्ष में राजसात करने की गुहार केंद्र से लगाई है।
रेलवे के पूर्व डिविजनल इंजीनियर की प्रॉपर्टी अटैच: इसके अलावा ईंडी भोपाल ने एक अन्य कार्रवाई करते हुए दिवंगत वेद प्रकाश श्रीवास्तव और उनकी पत्नी विभा श्रीवास्तव की करोड़ों की प्रॉपर्टी अटैच कर ली है। ईडी से मिली जानकारी के अनुसार वेद प्रकाश पश्चिमी रेलवे के राजकोट में डिविजनल इंजीनियर थे। उनके खिलाफ सीबीआई की जबलपुर यूनिट ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति के आरोप थे। जांच में सामने आया कि इस मामले में अपराध की कमाई 1.66 करोड़ है। वेदप्रकाश इस काली कमाई को परिवार के सदस्यों के अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराते थे ताकि मनी ट्रेल को उलझाया जा सके।
